नागौर के जोधियासी गांव के बस स्टैंड चौराहे पर सोमवार देर रात चुपके से लगाई गई महाराजा सूरजमल की मूर्ति मंगलवार को दो गुटों के बीच जबरदस्त विवाद का कारण बन गई। सुबह से शुरू हुआ धरना दोपहर तक पथराव और लाठीचार्ज में बदल गया। पुलिस पर भी पथराव हुआ तो जवाब में पुलिस ने भी पत्थर फेंके। देर शाम मूर्ति लगाने वाले पक्ष ने 15 दिन की मोहलत लेकर धरना समाप्त कर दिया, जबकि विरोधी पक्ष अभी भी असंतुष्ट है।
रातोंरात लगी मूर्ति, सुबह से शुरू हुआ हंगामा
पिछले एक साल से जोधियासी में भगवान परशुराम, महाराणा प्रताप और महाराजा सूरजमल की तीन मूर्तियां लगाने का प्रस्ताव चल रहा था। ग्राम सभा ने प्रस्ताव पास भी कर दिया था, लेकिन बस स्टैंड चौराहे की जगह को लेकर दोनों पक्षों में मतभेद बना रहा। सोमवार देर रात एक पक्ष ने मूर्ति लगा दी। सुबह पांच बजे से ही मूर्ति का समर्थन करने वाले और विरोध करने वाले दोनों पक्ष चौराहे पर धरने पर बैठ गए।
बस स्टैंड पर जगह को लेकर ठनी
मूर्ति लगाने वाले पक्ष का कहना रहा कि ग्राम सभा ने इसी स्थान पर मूर्ति लगाने का प्रस्ताव पास किया था और कलेक्टर-आयुक्त स्तर पर फाइल लंबित होने के बावजूद उन्होंने मूर्ति स्थापित कर दी। दूसरी तरफ विरोध करने वाले पक्ष ने तर्क दिया कि बस स्टैंड चौराहा सार्वजनिक जगह है, यहां पहले से पार्किंग की समस्या है और सरकारी दफ्तर भी हैं, इसलिए मूर्ति कहीं और लगाई जाए।
दोपहर में बिगड़े हालात, पुलिस ने भी किया पथराव
दोपहर में मूर्ति पक्ष ने टेंट लगाने की कोशिश की तो विरोध शुरू हो गया। देखते-देखते दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। पुलिस समझाने की कोशिश करती रही, लेकिन कुछ युवकों ने पुलिस पर भी पथराव कर दिया। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और जवाबी कार्रवाई में कुछ पुलिसकर्मियों ने भी पत्थर उठाकर फेंके। मौके पर नौ थानों की पुलिस, आरएसी और क्विक रेस्पॉन्स टीम तैनात की गई।
हनुमान बेनीवाल ने दी छेड़छाड़ न करने की चेतावनी
नागौर सांसद एवं आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने बयान जारी कर कहा कि इंटेलिजेंस फेल हुई। महाराजा सूरजमल सर्वसमाज के गौरव हैं और उनकी प्रतिमा से कोई छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि मैंने कलेक्टर से बात की है, सामाजिक सौहार्द बनाए रखें।
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प्रशासन की मध्यस्थता से मिली 15 दिन की मोहलत
लंबी समझाइश के बाद मूर्ति लगाने वाले पक्ष ने प्रशासन की 15 दिन में विवाद सुलझाने की गारंटी पर धरना समाप्त कर दिया। विरोधी पक्ष का धरना हालांकि कमजोर जरूर पड़ा लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। रात में पुलिस ने जबरन लोगों को हटाने की कोशिश की तो एक बार फिर हल्का पथराव हुआ।
कलेक्टर और एसपी ने की शांति की अपील
कलेक्टर अरुण कुमार पुरोहित ने कहा कि समझाइश का दौर जारी है और शांति बनाए रखने की पूरी कोशिश की जा रही है। एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया कि तीनों महापुरुषों की मूर्तियां लगाने का प्रस्ताव अभी विचाराधीन है और मौके पर पूरी तरह शांति है।
अभी भी तैनात है भारी पुलिस बल
18 नवंबर 2025 दोपहर तक मूर्ति यथावत लगी हुई है। मूर्ति पक्ष का धरना खत्म हो चुका है, जबकि विरोधी पक्ष के कुछ लोग अभी भी मौजूद हैं। चौराहे पर भारी पुलिस बल तैनात है और प्रशासन 15 दिन में स्थायी हल निकालने का दावा कर रहा है।
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