इस चुनाव में सारण प्रमंडल की कौन सीटें हैं चर्चा में?
सारण प्रमंडल की सबसे चर्चित सीटों की बात करें तो इनमें सीवान, भोरे, बनियापुर छपरा, शामिल है। आइये इन सीटों के बारे में जानते हैं…
सीवान: इस चुनाव का सबसे बड़ा मुकाबला सीवान सीट पर ही हो रहा है। यहां से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और छह बार के सीवान विधायक अवध बिहारी चौधरी का मुकाबला भाजपा के कद्दावर नेता और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे से है। राजद के अवध बिहारी 2020 में भी यहां से जीते थे। जनसुराज का तरफ से इन्तेखाब अहमद इस सीट पर उतरे हैं।
छपरा: मशहूर भोजपुरी गायक और अभिनेता खेसारी लाल यादव की वजह से सारण जिले की छपरा सीट चर्चा में है। इस सीट से राजद ने महागठबंन की ओर से शत्रुघ्न यादव उर्फ खेसारी लाल यादव को मैदान में उतारा है। खेसारी लाल के खिलाफ भाजपा ने छोटी कुमारी और जनसुराज ने जयप्रकाश सिंह को टिकट दिया है। इस सीट पर कुल 10 उम्मीदवार मैदान में हैं।
रघुनाथपुर: सीवान जिले की इस सीट पर राजद ने बाहुबली शाहबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब को टिकट दिया है। जदयू ने यहां से विकास कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया है। वहीं जनसुराज की तरफ से राहुल कीर्ति मैदान में हैं। पिछले दो चुनावों से यहां राजद ने जीत दर्ज की है। दोनों बार यहां से राजद के हरिशंकर यादव को जीत मिली थी। पार्टी ने इस बार उनकी जगह ओसामा शहाब को टिकट दिया है।
भोरे: यह सीट गोपालगंज जिले के अंदर आती है। इस सीट से वर्तमान विधायक सुनील कुमार बिहार सरकार में शिक्षा मंत्री हैं। उन्होंने 2020 के विधानसभा चुनाव में भाकपा माले के प्रत्याशी जितेंद्र पासवान को मात्र 462 वोटों के बेहद मामूली अंतर से हराकर जीत दर्ज की थी। इस बार भी सुनील कुमार को जदयू से टिकट मिला है। उधर, महागठबंधन की ओर से भाकपा माले के धनंजय मैदान में हैं। जनसुराज ने प्रीति किन्नर को टिकट दिया है।
बनियापुर: सारण जिले बनियापुर सीट पर भाजपा ने केदार नाथ सिंह को टिकट दिया है। केदारनाथ इससे पहले यहां से लगातार तीन बार राजद के टिकट पर जीत चुके हैं। केदारनाथ चुनाव से पहले पाला बदलकर राजद से भाजपा में आए हैं। राजद ने यहां से चांदनी देवी को मैदान में उतारा है। जनसुराज के टिकट पर श्रवण कुमार मैदान में हैं।
गरखा- चिराग का भांजे सीमांत मृणाल यहां से लोजपा के टिकट पर पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। पिछली बार इस सीट पर भाजपा के उम्मीदवार को हार मिली थी। इस बार एनडीए गठबंधन में भाजपा ने यह सीट लोजपा के लिए छोड़ दी। राजद ने यहां से मौजूदा विधायक सुरेंद्र राम को ही टिकट दिया है। जनसुराज ने मनोहर कुमार राम को उम्मीदवार बनाया है।
मढ़ौरा- सभी सीट किसी न किसी प्रत्याशी को लेकर चर्चा में हैं, लेकिन सारण जिले की मढ़ौरा सीट एनडीए का प्रत्याशी न होने के कारण चर्चा में है। सीट बंटवारे में यह सीट लोजपा के खाते में गई थी। लोजपा ने यहां से सीमा सिंह को टिकट दिया, लेकिन उनका नामांकन रद्द हो गया। सीमा का नामांकन रद्द होने के बाद निर्दलीय चुनाव लड़ रहे अंकित कुमार को एनडीए ने अपना समर्थन दिया है। राजद ने पिछले तीन चुनावों से जीत रहे जितेंद्र कुमार राय और जनसुराज ने नवीन कुमार सिंह उर्फ अभय सिंह को मैदान में उतारा है।



