Thursday, February 12, 2026
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Uranium found in Breast Milk: मां के दूध तक पहुंचा यूरेनियम, कैंसर का भी खतरा..शोध में खुलासा!

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पटना के महावीर कैंसर संस्थान ने मां के दूध में यूरेनियम की मात्रा होने की बात बताई है। महावीर कैंसर संस्थान के शोध विभाग ने इस मामले को उजागर किया है। महावीर कैंसर संस्थान के रिसर्च विभाग के प्रभारी डॉ. अशोक कुमार घोष ने बताया कि ग्राउंडवॉटर यूरेनियम कंटैमिनेशन भारत में एक बड़ी चिंता का विषय है, जो बिहार सहित 18 राज्यों के 151 जिलों को प्रभावित करता है। कई स्टडीज़ में बिहार के कुछ जिलों में ग्राउंडवॉटर में यूरेनियम की मौजूदगी की रिपोर्ट मिली है। बिहार में माताओं के स्तन दूध में यूरेनियम की मौजूदगी का चौंकाने वाला खुलासा चिंता बढ़ाने वाला है। जिस दूध को शिशु के लिए जीवन का पहला और सबसे सुरक्षित आहार माना जाता है, वहीं अब ख़तरे का स्रोत बनता दिख रहा है। अगर उसी में जहर घुलने लगे तो यह केवल एक स्वास्थ्य संकट नहीं, बल्कि समाज की जड़ों को हिला देने वाली त्रासदी बन जाती है। यह खोज मां और बच्चे दोनों की सेहत पर गंभीर सवाल खड़े करती है। प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नल नेचर में प्रकाशित एक नए अध्ययन ने चौंकाने वाला खुलासा किया है।बिहार राज्य के गोपालगंज, सारण, सीवान, पूर्वी चंपारण, पटना, वैशाली, नवादा, नालंदा, सुपौल, कटिहार, भागलपुर जैसे 11 जिलों में यूरेनियम पॉइज़निंग की रिपोर्ट मिली है। प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय साइंस जर्नल नेचर में प्रकाशित एक नए अध्ययन में खुलासा हुआ है कि बिहार के छह जिलों भोजपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, कटिहार और नालंदा में स्तनपान कराने वाली हर महिला के दूध में यूरेनियम (U-238) पाया गया। यह न सिर्फ वैज्ञानिक आंकड़ा है, बल्कि उस डरावने सच की गूंज है कि भूजल में घुला प्रदूषण अब सीधे मां के दूध के माध्यम से शिशुओं के शरीर में प्रवेश कर रहा है। यह अध्ययन पटना के महावीर कैंसर संस्थान के डॉ अरुण कुमार और प्रोफेसर अशोक घोष की अगुवाई में, नई दिल्ली एम्स के डॉ अशोक शर्मा के सहयोग से अक्टूबर 2021 से जुलाई 2024 के बीच किया गया।

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