बिहार में सत्ता का संग्राम चल रहा है और राजधानी पटना और उससे सटे मोकामा विधानसभा में मौजूद अमर उजाला की टीम ने जदयू नेता और मोकामा से प्रत्याशी अनंत सिंह से सीधी बातचीत की। अपनी मूछों पर ताव देने वाले अनंत सिंह और सीएम नीतीश ये दो ही ऐसे चेहरे हैं जो बिहार में 2005 से लगातार काबिज हैं। इनके नाम के चर्चे भी खूब होते हैं। ऐसे में अमर उजाला के द्वारा इनसे कुछ सवाल पूछे गए, जिसके जवाब में अनंत सिंह ने क्या कुछ कहा आइये जानते हैं।
सवाल: आपको छोटे सरकार क्यों कहते हैं?
अनंत सिंह: देखिए जनता मेरी मालिक है, जनता भगवान है, उसे जो पसंद आता वह अच्छा है, हमको तो ये नाम ज्यादा अच्छा लगता है।
सवाल: तो आपको लोग छोटे सरकार ज्यादा बोलते हैं?
अनंत सिंह: हां बोलते हैं।
सवाल: आप कितने साल से चुनाव लड़ रहे हैं? आपको इस चुनाव में बाकी से क्या कुछ अलग लग रहा है?
अनंत सिंह: अबड़ी (यानी अबकी बार) जमानत जब्त होगी,हमारी सरकार ने इतना काम किया है कि विरोधियों का बिहार में खाता नहीं खुलेगा।
सवाल: आप तो हमसे ज्यादा सुनते होंगे, विपक्ष बोल रहा है कि काम नहीं हुआ? हर बार (नीतीश) पलट जाते हैं, इस बार नीतीश कुमार बनेंगे कि नहीं यह भी पक्का नहीं है। विपक्ष कह रहा कि भाजपा वाले साथ नहीं देंगे।
अनंत सिंह: वो तो विपक्ष का काम है बोलना, मुख्यमंत्री नीतीश जी बनेंगे। ये सब गलत बात है, नीतीश जी और भाजपा दोनों में कहीं कोई दिक्कत नहीं है, दोनों भाई हैं।
सवाल: अगर मोकामा की बात की जाए तो विपक्ष बताता है कि ‘मैं बेटा हूं’ बोलकर प्रचार कर रहे हैं, आप बता रहे हैं जमानत जब्त हो जाएगी?
अनंत सिंह: वो जहां-जहां जाते हैं, वहां के बेटा हो जाते हैं। विधायक बने थे तो तीन चार साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद यहां की जनता को छोड़कर चले गए थे। यहां उन्होंने एक रत्ती काम नहीं किया। चार साल में जुगाड़ लगाकर एमपी (सांसद) बने, आज बेटा बन रहे हैं।
सवाल: आप क्षेत्र में लगातार घूम रहे हैं, लोग क्या चाहते हैं, मोकामा में क्या अगला काम होना चाहिए?
अनंत सिंह: लोग चाह रहे हैं कि अगले 5 साल के लिए फिर नीतीशसीएम बने और दूसरा कोई नहीं, अब यहां विकास होगा।
सवाल: पटना में राजद के लोगों से बात की गई और दिल्ली में भी…वह बताते हैं कि सबसे पहला नामांकन अनंत सिंह ने किया, ये तब हुआ जब ये तय भी नहीं हुआ कि किसको टिकट मिलेगा और किसको नहीं?
अनंत सिंह: हमको पता रहता है, हम जीते हुए कैंडिडेट हैं, हम कभी हारते हैं नहीं, हमको नीतीश जी ने कहा था कि आप हमारी पार्टी से लड़िएगा।
सवाल: नीतीश जी के बारे में कई सारे सवाल उठते हैं कि उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है, आपकी बात हुई अब ठीक हैं?
अनंत सिंह: नहीं, ऐसी कोई बात नहीं है, उनका स्वास्थ्य बिल्कुल ठीक है, तभी तो वो जनता के बीच हैं। कुल लोगों का काम करते हैं, खाना फ्री, कपड़ा फ्री, हां अब नल-जल तो बिगड़ता रहेगा, लेकिन उससे कुछ नहीं होगा। अब सबका घर बनेगा, हमारी सरकार काम रही है।
सवाल: आप अलग-अलग तरीके से प्रचार कर रहे हैं, कभी देखा जाए तो बाइक पर निकलते हैं, कभी कार पर।
अनंत सिंह: हां, लोगों का अभिवादन करने के लिए हम कार पर चढ़ जाते हैं। विपक्ष अपना वोट मांगेगा, हम जनता के बीच जाकर वोट मांगेगे। हमारे लिए हमारी जनता भगवान हैं।
सवाल: कल तेजस्वी यादव बोल रहे थे कि हम सबको नौकरी देंगे, अब बोले कि 2005 के पहले का बात मत करिए।
अनंत सिंह: पहले तो वो जेल जाने की तैयारी करें, इन्होंने अपने नौकर चाकर की खट्टा भर की जमीन, खेत लिखवाया, इसीकेस में ये जेल जाएंगे। ये तेजस्वी यादव खुद जानते हैं कि जब वो (सीएम) बनेंगे तो बिहार ही खत्म हो जाएगा। तेजस्वी जितनी रोड बनावएंगे वो सब उखड़ जाएगी, वो खाली बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन जब चुनाव खत्म हो जाता है, तो सब भूल जाते हैं। चुनाव से पहले वो कॉलेज बनवा देंगे, स्कूल बनवा देंगे, लेकिन जब चुनाव खत्म हो जाएगा वो कहां जाएंगे किसी को कुछ नहीं पता रहेगा। सूरजभान दो साल रहे, दो साल में कुछ नहीं किया? उनसे पूछो तो वो कहते हैं बेगूसराय में व्यवस्था है।अरे, कमाल की बात है, मतलब ये तो वही वाली बात है कमाए यहां और खाने बेगूसराय जाए।सूरजभान तो इसलिए जनता को छोड़कर भाग गए थे, काम तो बहुत दूरी की बात है।जनता ने उन्हें जितवाया वोट देकर। चार साल थे, और जब एक साल बचा तो छोड़कर भाग गए बलिया से लड़ने औरअब वो बलिया के बेटा हो गए हैं।
सवाल: तेजस्वी तो कह रहे हैं कि उन्हें फंसाने के लिए ये मामला लाया गया, ताकि चुनाव खराब हो जाए।
अनंत सिंह: ये केस कल का थोड़ी न है, ये तो कई साल से चल रहा है।



