जमुई जिले की चारों विधानसभा सीटों सिकंदरा, जमुई, झाझा और चकाई के नतीजे सामने आ गए हैं। परिणामों में तीन सीटों पर एनडीए ने जीत दर्ज की है, जबकि चकाई सीट पर महागठबंधनने बाज़ी मारी। इस तरह जिले में एक बार फिर राजनीतिक समीकरणों ने दिलचस्प मोड़ लिया है। जिले में एनडीए ने अपनी मजबूत पकड़ बरकरार रखी, हालांकि चकाई में जदयू मंत्री को हार का सामना करना पड़ा।
सिकंदरा विधानसभा (240)
सिकंदरा सीट से एनडीए समर्थित हम पार्टी के उम्मीदवार प्रफुल्ल कुमार मांझी ने शानदार जीत हासिल की। उन्होंने 91,603 वोट पाकर अपने निकटतम प्रतिद्वंदी उदय नारायण चौधरी को 23,907 मतों से पराजित किया। यह जीत जिले में एनडीए गठबंधन की मजबूती को स्पष्ट करती है।
जमुई विधानसभा (241)
जमुई सीट से एनडीए समर्थित भाजपा प्रत्याशी और वर्तमान विधायक श्रेयसी सिंह ने एक बार फिर बड़ी जीत दर्ज की। उन्होंने 1,23,868 मत हासिल किए और अपने प्रतिद्वंदी शमशाद आलम को 54,498 मतों से हराया। लगातार दूसरी जीत ने जिले में उनकी मजबूत पकड़ और संगठनात्मक आधार को फिर साबित किया। नतीजों के बाद जमुई बीजेपी कार्यालय में जश्न का माहौल रहा, कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़े और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जीत का जश्न मनाया।
झाझा विधानसभा (242)
झाझा सीट पर भी एनडीए समर्थित जदयू प्रत्याशी दामोदर रावत ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। उन्होंने 1,08,317 वोट हासिल करके अपने प्रतिद्वंदी जयप्रकाश यादव को 4,262 मतों से हराया। कड़ा मुकाबला होने के बावजूद जदयू ने यह सीट बरकरार रखी।
चकाई विधानसभा (243)
चकाई सीट पर इस बार सत्ता परिवर्तन देखने को मिला। महागठबंधन समर्थित राजद उम्मीदवार सावित्री देवी ने 80,357 वोट प्राप्त कर 12,972 मतों से जीत हासिल की। उन्होंने जदयू के उम्मीदवार और बिहार सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री सुमित कुमार सिंह को हराया। सुमित सिंह पिछली बार प्रदेश के इकलौते निर्दलीय विधायक थे, बाद में जदयू में शामिल होकर मंत्री बने। उनकी हार चकाई में बड़े राजनीतिक संदेश के रूप में देखी जा रही है।
जमुई जिले का राजनीतिक समीकरण
चार में से तीन सीटों सिकंदरा, जमुई और झाझा पर एनडीए की वापसी हुई है। इससे जिले में एनडीए का वर्चस्व और मजबूत हुआ। वहीं, चकाई में महागठबंधन ने अपनी स्थिति मजबूत करके एनडीए को पीछे छोड़ दिया। नतीजों ने साफ कर दिया कि जमुई में एनडीए अभी भी मजबूत है, लेकिन चकाई में बदलाव की हवा चल पड़ी है।



