बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जोड़ी ने इस बार भी अपना प्रभाव दिखाया है। मधुबनी जिले की 10 विधानसभा सीटों में से 9 सीटें एनडीए के खाते में गईं, जबकि सिर्फ एक सीट महागठबंधन को मिली।
झंझारपुर विधानसभा सीट ने इस जीत को और भी खास बना दिया। यहां से बीजेपी उम्मीदवार और निवर्तमान मंत्री नीतीश मिश्रा जिले ही नहीं, बल्कि उत्तरी बिहार में सबसे अधिक मतों से जीतने वाले प्रत्याशी बने। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी सीपीआई उम्मीदवार रामनारायण यादव को 54, 849 मतों के विशाल अंतर से हराकर लगातार दूसरी बार और कुल पाँचवीं बार विधानसभा तक अपना रास्ता बनाया।
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अपनी ऐतिहासिक जीत के बाद नीतीश मिश्रा ने भावुक होकर कहा कि यह विजय झंझारपुर की जनता को समर्पित है। उन्होंने कहा कि मेरा प्रत्येक क्षण और प्रत्येक कण झंझारपुरवासियों के नाम है। मैं हमेशा कहता हूं कि मैं झंझारपुर परिवार का सदस्य हूँ। अगर किसी परिवार में चार सदस्य हैं, तो पाँचवाँ सदस्य खुद को मानता हूँ। इतने बड़े अंतर से मिली जीत के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। झंझारपुर की जनता ने जो अपार विश्वास और आशीर्वाद दिया है, उसके लिए मैं उनका हृदय से आभार प्रकट करता हूँ। नीतीश मिश्रा की यह जीत न केवल उनके व्यक्तिगत राजनीतिक प्रभाव का प्रदर्शन है, बल्कि झंझारपुर में एनडीए की मजबूत पकड़ का भी संकेत देती है।



