वैशाली जिले से जुड़ा एक मामला इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है, जहां थाना परिसर के भीतर पुलिसकर्मियों के साथ एक महिला डिजिटल क्रिएटर द्वारा रील बनाए जाने के वीडियो वायरल हो रहे हैं। इन वायरल वीडियो ने बिहार पुलिस की कार्यशैली और “पब्लिक-फ्रेंडली पुलिसिंग” की परिभाषा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला वैशाली थाना परिसर का है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में एक महिला डिजिटल क्रिएटर थाना परिषद के अंदर अलग-अलग अंदाज में रील बनाती नजर आ रही है। कुछ वीडियो में वह पुलिसकर्मियों के साथ बैठकर या उनके सामने खड़े होकर कैमरे के लिए पोज देती दिखाई देती है, वहीं कुछ पुलिसकर्मी कैमरे के सामने ‘हाय-हेलो’ करते भी नजर आ रहे हैं।
वायरल हुए पहले वीडियो में महिला थाना परिसर में मौजूद एक स्कॉर्पियो सवार व्यक्ति से कहती दिखाई देती है, “आप मुझे धक्का मारेंगे तो धक्का मार कर जाइए।” दूसरे वीडियो में वही महिला थाना परिसर के भीतर रील शूट करती नजर आती है, जहां कुछ दरोगा कुर्सी पर बैठे हैं और कैमरे के सामने उनसे ‘हाय-हेलो’ कराया जा रहा है। तीसरे वीडियो में महिला किसी से बातचीत करती दिखती है, जबकि उसके पीछे पुलिस बल खड़ा नजर आता है। इन सभी वीडियो का लोकेशन थाना परिसर बताया जा रहा है।
ये भी पढ़ें-Bihar: यहां ट्रायल के दौरान गिरा रोपवे,13 करोड़ की परियोजना फेल; अब दोषियों पर कार्रवाई की मांग तेज
इन वीडियो के सामने आने के बाद अब कई सवाल उठने लगे हैं। खासकर इसलिए क्योंकि बिहार के डीजीपी विनय कुमार लगातार पुलिस को पब्लिक-फ्रेंडली बनने और आम जनता से बेहतर व्यवहार करने की नसीहत देते रहे हैं। लेकिन अब यह बहस तेज हो गई है कि क्या पब्लिक-फ्रेंडली होने के नाम पर थाना परिसर को डिजिटल रील शूटिंग का मंच बनाना उचित है?
सोशल मीडिया पर लोग पुलिस की इस “अत्यधिक फ्रेंडली” छवि को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे मर्यादा के खिलाफ बता रहे हैं, तो कुछ इसे पुलिस की गंभीरता पर सवाल खड़ा करने वाला कदम मान रहे हैं। बताया जा रहा है कि महिला डिजिटल क्रिएटर के फेसबुक अकाउंट पर थाना परिसर से जुड़े ऐसे कई और वीडियो भी मौजूद हैं।



