हसनपुर प्रखंड के सैकड़ों बेघर हुए परिवार मंगलवार को समस्तीपुर कलेक्ट्रेट पहुंचे और डीएम से न्याय की गुहार लगाई। महिलाओं और पुरुषों की बड़ी संख्या अचानक कलेक्ट्रेट कैंपस में पहुंची, जिससे सुरक्षा गार्डों को उन्हें रोकने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। बावजूद इसके, भीड़ कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश कर धरने पर बैठ गई। इसी दौरान मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना और उचित कार्रवाई व न्याय का भरोसा दिया।
दरअसल, 4 दिसंबर को हसनपुर थाना क्षेत्र के मंगलगढ़ कोठी की 13 एकड़ जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हुई थी। यह जमीन वर्ष 1993 से अतिक्रांत थी। जमीन के प्रबंधक बिपीन कुमार सिंह द्वारा दायर वाद पर लंबी सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय के आदेश पर जिला प्रशासन की टीम ने अतिक्रमण हटाया।
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कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस टीम पर पथराव भी किया। हालात तनावपूर्ण होने पर आगजनी भी हुई, जिसमें एक महिला हीरा देवी गंभीर रूप से जख्मी हो गईं। प्रशासन ने दमकल बुलाकर आग पर काबू पाया।
जेसीबी की मदद से लगभग 280 झुग्गी-झोपड़ियां और खपरैल तथा एस्बेस्टस के बने घरों को हटाया गया, जिसके बाद प्रभावित परिवारों का आरोप है कि वे अब पूरी तरह बेघर हो गए हैं। पीड़ितों का कहना है कि वे कई दशक से वहां रह रहे थे और अब कड़ाके की ठंड में पन्नी टांगकर रहने को मजबूर हैं, जबकि प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की राहत नहीं दी गई है।



