गया रेल थाना के थानेदार राजेश कुमार सिंह और चार सिपाहियों को सोना लूट कांड में शामिल पाए जाने के बाद निलंबित कर दिया गया है। मामला 21 नवंबर को हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस में कोडरमा-गया सेक्शन में हुई एक करोड़ से अधिक की सोना लूट से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, गया रेल थाना के थानेदार राजेश कुमार सिंह ने इस लूट का केस (334/25) अपने लिखित बयान पर BNS 309(4) के तहत दर्ज किया था। परत दर परत जांच में सामने आया कि इस घटना में थानेदार खुद भी शामिल था। इसके बाद राजेश कुमार सिंह को तत्काल निलंबित कर दिया गया। साथ ही गया रेल थाना के चार सिपाहियों करण कुमार, अभिषेक चतुर्वेदी, रंजय कुमार और आनंद मोहन को भी निलंबित किया गया है। इन सभी पर पीसी एक्ट की धाराओं के तहत केस भी दर्ज किया गया है।
लूट की यह वारदात कानपुर के सोना कारोबारी मनोज सोनी के स्टाफ धनंजय शाश्वत के साथ हुई थी। शाश्वत हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस से एक किलो सोना लेकर जा रहे थे।
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सूत्रों के अनुसार, गया रेल पुलिस का क्षेत्राधिकार कोडरमा तक नहीं था। इसके बावजूद निलंबित पुलिसकर्मी और एक प्राइवेट व्यक्ति परवेज आलम तथा पूर्व चालक सीताराम को किसी ने सूचना दी कि शाश्वत सोना लेकर आ रहे हैं। इसके बाद ये लोग ट्रेन से गया से कोडरमा पहुंच गए। जब हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस कोडरमा में रुकी, तो उन्होंने शाश्वत को ट्रेन से उतारकर मारपीट की और सोने की बिस्किट लूट ली। घटना के बाद खगड़िया के सांसद राजेश वर्मा ने पटना रेल एसपी को सूचना दी थी। इसके बाद पटना रेल पुलिस ने तीन डीएसपी की एसआईटी टीम बनाई। अभी इस मामले में और भी रेल पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की संभावना है। रेल एसपी ने थानेदार और चारों पुलिसकर्मियों के निलंबन की पुष्टि की है और कहा कि जांच आगे भी जारी है।