बिहार में इन दिनों सर्दी का सितम लगातार जारी है। बीते कई दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। हालात को देखते हुए राज्य के लगभग सभी जिलों में जिलाधिकारियों ने स्कूलों के संचालन समय में बदलाव करने और छोटे बच्चों की कक्षाएं बंद रखने के आदेश जारी किए हैं।
इसी क्रम में बांका जिले के जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला कुमार ने 23 दिसंबर को आदेश जारी कर कक्षा 1 से 8 तक के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों को बंद रखने का निर्देश दिया था। यह आदेश छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जारी किया गया। हालांकि, जिलाधिकारी के स्पष्ट आदेश के बावजूद बांका जिले के अमरपुर नगर पंचायत क्षेत्र के कुछ निजी विद्यालयों पर इसका कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। जानकारी के अनुसार कई निजी स्कूलों में अब भी कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय बुलाया जा रहा है, जिससे अभिभावकों में भारी नाराजगी व्याप्त है।
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अभिभावकों का कहना है कि अत्यधिक ठंड और घने कोहरे के बीच छोटे बच्चों को स्कूल भेजना उनके स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकता है। इसके बावजूद कुछ निजी विद्यालय प्रबंधन प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी कर रहे हैं, जो न केवल नियमों का उल्लंघन है बल्कि बच्चों की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ है। इधर, स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने जिलाधिकारी के आदेश की अवहेलना करने वाले निजी विद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो इससे गलत परंपरा को बढ़ावा मिलेगा और प्रशासनिक आदेशों की गरिमा भी प्रभावित होगी।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन आदेश का उल्लंघन करने वाले निजी विद्यालयों पर क्या ठोस कदम उठाता है और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कितनी तत्परता दिखाता है।



