अररिया जिले में शिक्षकों की नैतिकता और अनुशासन पर सवाल खड़े हो गए हैं, जब जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डीआईईटी) में आयोजित आवासीय प्रशिक्षण के दौरान सरकारी संपत्ति की चोरी का मामला सामने आया। संस्थान में लगे सीसीटीवी कैमरों में चार शिक्षकों द्वारा सामग्री ले जाते हुए दृश्य कैद हुए हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक समाज की छवि पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। जानकारी के अनुसार, पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण में शामिल इन शिक्षकों ने बल्ब, बेडशीट, चाय के कप और हैंडवाश डिस्पेंसर जैसी आवश्यक सामग्री चुराई। जांच के दौरान चोरी की गई सामग्री उनके निजी वाहनों और आवंटित कमरों से बरामद की गई।
प्राचार्य ने लिखा पत्र, सख्त कार्रवाई की मांग
डीआईईटी के प्रभारी प्राचार्य आफताब आलम ने इस मामले को गंभीर बताते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र लिखा और दोषी शिक्षकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की। उन्होंने इसे न केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाला कृत्य बताया, बल्कि शिक्षक समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला भी करार दिया।
₹8 हजार की क्षति, वसूली का प्रस्ताव
प्राचार्य के पत्र में संस्थान को हुई कुल क्षति लगभग आठ हजार रुपये आंकी गई है। साथ ही उन्होंने संबंधित शिक्षकों से उक्त राशि की वसूली कर संस्थान को लौटाने का सुझाव भी दिया है।
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जांच के बाद होगी कार्रवाई : डीईओ
जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने कहा कि डीआईईटी प्रबंधन से पत्र प्राप्त हुआ है और मामले की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जिले में यह घटना इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि शिक्षकों से समाज को संस्कार और अनुशासन की अपेक्षा की जाती है। ऐसे में यदि शिक्षक स्वयं अनुशासन का उल्लंघन करें, तो यह केवल चोरी नहीं बल्कि शिक्षा व्यवस्था के भरोसे पर चोट है। ऐसे मामलों में त्वरित और कठोर कार्रवाई की आवश्यकता बताई जा रही है।