Friday, February 6, 2026
No menu items!
.
HomeBihar NewsBihar: विवाह पंचमी पर महावीर मंदिर में श्री सीताराम विवाह उत्सवी का...

Bihar: विवाह पंचमी पर महावीर मंदिर में श्री सीताराम विवाह उत्सवी का आयोजन, विवाह मंडली ने दी प्रस्तुति

महावीर मंदिर पटना में मंगलवार को श्री सीता राम विवाह उत्सवी माहौल में आयोजित हुआ। काफी संख्या में विवाह देखने के लिए मंदिर प्रांगण में जुटे हुए थे। हर सालअगहन शुक्ल पंचमी मंगलवार को श्री सीता राम विवाह उत्सव पटना के महावीर मंदिर में आयोजित किया जाता है। महावीर मंदिर में विवाह पंचमी के अवसर पर राम-जानकी विवाह को नाटक के माध्यम से दर्शाया गया। इसके लिए दरभंगा, मधुबनी और जनकपुर से कलाकार आए थे। पहले दिन बारातियों का स्वागत हुआ और फिर राम जानकी का जयमाला हुआ। मिथिला रीति से विवाह की सभी विधियों का संगीतमय मंचन किया। इस दौरान कन्या निरीक्षण, ओढंगर, नहछू, कन्यादान, सिंदूरदान, कोहबर समेत सभी विवाह-विधियों की आकर्षक झांकी प्रस्तुत की गई।

Trending Videos

रात में सुंदरकांड का पाठ होगा

बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के सदस्य सायण कुणाल ने कहा कि श्रीसीता राम विवाह हर साल महावीर मंदिर आयोजित किया जाता है। इस दौरान काफी संख्या लोग विवाह देखने के लिए आते हैं। महावीर स्थान न्यास समिति के एडिशनल सीईओ वरुण कुमार मिश्रा ने कहा कि जब से महावीर मंदिर अपने वर्तमान स्वरूप में आया है तब से आचार्य किशोर कुणाल ने विवाह पंचमी के मौके पर इस परंपरा की शुरुआत की थी। इसी पंचमी के दिन मिथिला में श्री राम का विवाह माता सीता के साथ हुआ था। इस प्रकरण को मनाने के लिए दो दिवसीय कार्यक्रम यहां होता है। विवाह के समय जो भी परंपरा थी उसे यहां पर नाटक के माध्यम से दर्शाया जाता है। आज रात में सुंदरकांड का पाठ होगा और फिर कल कलेवा (छप्पन) भोग का आयोजन होगा।

पढे़ं:बिहार में बड़ा हादसा, छह की मौत सात जख्मी; शेखपुरा में ट्रक-ऑटो की टक्कर से सड़क लहूलुहान

महावीर मंदिर में हुई राम-जानकी विवाह की प्रस्तुति

आज की प्रस्तुति में अयोध्या के राजकुमार श्रीराम ने एक पल में शिव धनुष को तोड़ दिखाया। अब राघव को जनक नंदिनी सीता के गले में वरमाला डालनी है। लेकिन एक समस्या है। जानकी जी कद में उनसे छोटी हैं और दशरथ नंदन के गले में वरमाला नहीं डाल पा रही हैं। जनकपुर की स्त्रियां कहती हैं- तनी झुक जइयो ए राघव जी, लली मेरी छोटी है। फिर भी राघव नहीं झुके तो मिथिलावासी कहते हैं- कौना गुमान में फुलइल हो राघव जी, कौना गुमान में फुलइल। आखिरकार राघव थोड़ा झुकते हैं और जानकी जी उनके गले में वरमाला डाल देती हैं। हास्य-विनोद के साथ मंदिर में राम-जानकी विवाह में वातावरण और भी भक्तिमय हो गया। मौके पर मंदिर अधीक्षक के सुधाकरण, विजय कुमार, कृष्ण मुरारी, दिनकर जी,अभिषेक माथुर, रंधीर, धीरज समेत मंदिर के पुजारी, पंडित, कर्मचारी मौजूद थे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments