Saturday, January 31, 2026
No menu items!
.
HomeBihar NewsCaste Certificate: राजद प्रत्याशी ने यूपी के जाति प्रमाणपत्र पर नामांकन किया;...

Caste Certificate: राजद प्रत्याशी ने यूपी के जाति प्रमाणपत्र पर नामांकन किया; भाजपा पहुंची चुनाव आयोग

बिहार भाजपा न्यायिक एवं चुनाव आयोग संपर्क विभाग के प्रमुख विंध्याचल राय ने आज बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के अंतर्गत 204-मोहनिया (SC) विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी स्वेता सुमन द्वारा दाखिल नामांकन पत्र को निरस्त करने की मांग निर्वाचन विभाग से की है। पटना भाजपा मीडिया सेंटर में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस चुनाव में मोहनिया (SC) निर्वाचन क्षेत्र से राष्ट्रीय जनता दल की प्रत्याशी स्वेता सुमन द्वारा दाखिल नामांकन पत्र भरा गया है। लेकिन इसमें कई त्रुटियां हैं। प्रत्याशी ने अनुसूचित जाति वर्ग के प्रमाण-पत्र के आधार पर अनुसूचित जाति हेतु आरक्षित विधानसभा क्षेत्र 204-मोहनिया (SC) से नामांकन दाखिल किया है जबकि प्रत्याशी मूलतः उत्तर प्रदेश राज्य की निवासी हैं और उनका जन्मस्थान उत्तर प्रदेश है। उनके पति का नाम विनोद राम है।

2020 के चुनाव मोहनिया से नामांकन दाखिल किया था

विंध्याचल राय ने बताया कि 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान, स्वेता सुमन ने अपने नाम ‘सुमन देवी पत्नी विनोद राम’ के रूप में इस निर्वाचन क्षेत्र से नामांकन दाखिल किया था, जिसमें उन्होंने स्वयं स्पष्ट रूप से यह उल्लेख किया था कि वे ‘चमाड़ जाति’ से संबंध रखती हैं, जो कि उत्तर प्रदेश राज्य की अनुसूचित जाति में आती है। उन्होंने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धाराओं को लेकर कहा कि किसी अनुसूचित जाति हेतु आरक्षित विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचन लड़ने के लिए प्रत्याशी का उस राज्य का अनुसूचित जाति का सदस्य होना आवश्यक है। ऐसे में बिहार राज्य में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र से प्रत्याशी बनने के लिए यह आवश्यक है कि उम्मीदवार बिहार राज्य की अनुसूचित जाति में सम्मिलित जाति का सदस्य हो।

स्वेता सुमन का नामांकन पत्र निरस्त किया जाना चाहिए

भाजपा नेता विंध्याचल राय ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य में अनुसूचित जाति के रूप में अधिसूचित चमाड़ जाति, बिहार राज्य में स्वतः अनुसूचित जाति नहीं मानी जा सकती, जब तक कि बिहार की अधिसूचना में उसका उल्लेख न हो और प्रत्याशी का स्थायी निवास बिहार राज्य में न हो। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि किसी राज्य की अनुसूचित जाति, जनजाति का प्रमाण पत्र अन्य राज्य में आरक्षित सीट के लिए मान्य नहीं होगा।इस कारण स्वेता सुमन का नामांकन पत्र निरस्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा बिहार के किसी भी दलित की हकमारी नहीं होने देगी। उन्होंने यह भी कहा कि हमारे लिए और भी विकल्प खुले हुए हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments