आतंकी संगठन जैश की महिला कमांडर के तौर पर काम कर रही डॉ. शाहीन को लेकर एनआईए की टीम गुरुवार रात फरीदाबाद पहुंची। टीम ने उससे अल फलाह यूनिवर्सिटी में निशानदेही। इससे पहले डॉ. मुजम्मिल को फरीदाबाद लाकर निशानदेही करा चुकी है। सूत्रों की मानें तो अब जांच एजेंसी डॉ. आदिल को भी निशानदेही के लिए लेकर आ सकती है। एनआईए टीम गुरुवार शाम करीब 5 बजे डॉ. शाहीन को फरीदाबाद लेकर आई थी। करीब चार घंटे की तफ्तीश, पूछताछ और कई स्थानों की निशानदेही कराने के बाद रात लगभग 9 बजे उसे वापस दिल्ली ले जाया गया।
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डॉ आरिफ और डॉ. शाहीन
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डॉ. शाहीन को कमरा नंबर 22 में ले कर गई एनआईए की टीम
एनआईए की टीम डॉ. शाहीन सईद को धौज गांव स्थित अल फलाह मेडिकल कॉलेज व यूनिवर्सिटी लेकर पहुंची। टीम ने उसे उसी हॉस्टल बिल्डिंग में ले जाकर कमरे नंबर 22 में प्रवेश कराया, जहां वह रहती थी। शाहीन से जांच एजेंसी ने इस दौरान पूछा कि वो यहां यूनिवर्सिटी परिसर में दिनभर क्या करती थी, कौन-कौन उससे मिलने आता था और किन लोगों से उसका नियमित संपर्क था। टीम ने कमरे के हर हिस्से की जांच की और उसके रूटीन से जुड़े कई सवाल पूछे।
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डॉ. शाहीन।
– फोटो : अमर उजाला।
शाहीन को खोरी जमालपुर लेकर पहुंची एनआईए
पुलिस सूत्रों के मुताबिक शाहीन को यूनिवर्सिटी की वाइस-चांसलर भूपिंदर कौर आनंद के पास भी ले जाया गया, जहां दोनों की आमने-सामने पहचान करवाई गई। यह प्रक्रिया इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि शाहीन यूनिवर्सिटी में कई संदिग्ध के संपर्क में थी। इसके बाद टीम शाहीन को खोरी जमालपुर लेकर पहुंची। यहीं पर डॉ. शाहीन और डॉ. मुजम्मिल ने पति-पत्नी बताकर किराये पर मकान लिया था। जांच एजेंसी सूत्रों की मानें तो यहां उन्होंने एक छोटी सी पार्टी भी रखी थी जिसमें डॉ. उमर सहित 10 के लगभग लोग मौजूद रहे।
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डॉ. शाहीन और उनके पिता
– फोटो : amar ujala
संपर्क में रहे लोगों की सूची तैयार
इसके बाद एनआईए ने उसे मेडिकल वार्ड, क्लासरूम और उसके डॉक्टर कैबिन में ले जाकर वहां मौजूद गतिविधियों और उसके संपर्कों की पहचान करवाई। शाहीन किन स्टाफ सदस्यों, छात्रों और अन्य व्यक्तियों के संपर्क में थी और उनका व्यवहार कैसा था। टीम इन सभी लोगों की सूची तैयार कर आगे की जांच में शामिल कर रही है।



