संसद भवन से चंद कदम की दूरी पर डॉ. बिशंबर दास मार्ग स्थित एमपी फ्लैट ब्रह्मपुत्र अपार्टमेंट में शनिवार दोपहर अचानक आग लग गई। ग्राउंड फ्लोर की पार्किंग में रखे कबाड़ में लगी आग तीसरी मंजिल तक पहुंच गई। सूचना पर पहुंची दमकल विभाग की 15 गाड़ियों ने आग पर करीब 50 मिनट के बाद किसी तरह काबू पाया। हादसे में दो लड़कियों मधु (18), जिविका (15) समेत तीन लोग मामूली रूप से झुलस गए। अग्निकाडं के वक्त कई सांसद भी अपने-अपने फ्लैट में मौजूद थे। पार्किंग के पास खड़ी कई कारों को आग से क्षति पहुंची है। आशंका जताई जा रही पटाखे जलाने के दौरान कबाड़ में आग लगी।
पुलिस के मुताबिक शनिवार दोपहर कंट्रोल रूम को डॉ. बिशंबर दास मार्ग स्थित ब्रह्मपुत्र अपार्टमेंट में आग लगने की सूचना मिली। पुलिस के अलावा दमकल की चार गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। हालात देखते हुए आसपास के दमकल केंद्रों से और भी गाड़ियां मंगा ली गईं। आठ मंजिला ब्रह्मपुत्र अपार्टमेंट में कई सांसद रहते हैं। आग लगी तो मौके पर अफरा-तफी मच गई। अंदर कई हाईराइज इमारत हैं। आग लगते ही लोग फ्लैट से निकलकर सुरक्षित स्थान पर आ गए। ग्राउंड फ्लोर पर खड़ी बाइक और कारों को भी सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया।
आग ब्रह्मपुत्र अपार्टमेंट के पीछे वाली बिल्डिंग में लगी थी। पूरे आठ फ्लोर की इमारत धुआं लगने से काली हो गईं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बताया कि जहां आग लगी वहां की शुरुआती तीन मंजिलों पर सांसदों के स्टाफ के लिए फ्लैट बने हैं। आग से पहली और दूसरी मंजिल के छह फ्लैट को नुकसान पहुंचा है। पुलिस आग की सही वजहों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। तलाशी के दौरान पुलिस को एक पालतु कुत्ता झुलसा मिला। उसको सुरक्षित स्थान पर लाया गया, बाद में उसे पशु अस्पताल भेज दिया गया।
मना करने के बाद भी नहीं हटाया कबाड़ और लग गई आग…
ब्रह्मपुत्र अपार्टमेंट में बचाव कार्य चल रहा था। वहां मौजूद बीट अफसर का कहना था कि गश्त के दौरान अपार्टमेंट में कबाड़ को उन्होंने नोटिस किया था। इमारत का रखरखाव करने वाली एजेंसी ने पार्किंग के स्थान पर लकड़ी का फर्नीचर रखा था। बीट स्टाफ अधिकारियों से कई बार इसे हटाने के लिए कहा था, लेकिन सभी ने इसे अनसूना कर दिया। बीट स्टाफ ने थाने के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी सूचित किया था। शनिवार को इसी कबाड़ में आग लगी और अफरा-तफरी मच गई।
दमकल के देरी से पहुंचने के आरोप
ब्रह्मपुत्र अपार्टमेंट में रह रहे स्टाफ का आरोप है कि आग लगने की सूचना देने के करीब 20 से 25 मिनट बाद दमकल की गाड़ियां पहुंची। ऐसे में आग ने विकराल रूप ले लिया। स्थानीय लोगों का कहना था कि चंद कदम पर रकाबगंज दमकल केंद्र है। इसके बावजूद गाड़ियां काफी देर से पहुंची। दमकल अधिकारियों ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया। उनका कहना है कि कॉल मिलने के पांच से छह मिनट बाद गाडियां पहुंच गईं और राहत व बचाव कार्य शुरू हो गया।
दिवाली पर सता रही चिंता…
आग से एक टॉवर की तीन मंजिल के फ्लैट को नुकसान हुआ है। पहली मंजिल के भवन का हिस्सा आग से गिर गया है। तीन मंजिल के फ्लैट के भीतर रखा सामान भी जल गया। अब लोगों को चिंता सता रही है कि वह दिवाली कहां मनाएंगे। आग से हुए नुकसान के बाद कई महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल था। वहां मौजूद लोगों का कहना था कि ऊपर के सभी फ्लैट धूएं से काले हो गए हैं। फ्लैट के भीतर रखा सामान भी काला हो गया है।



