Sunday, February 1, 2026
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Maharashtra: पालघर हत्या मामले में देरी पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, नाबालिग ने 17 साल की लड़की को जिंदा जलाया

कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने महाराष्ट्र सरकार से पूछा है कि पालघर साधुओं की लिंचिंग केस को सीबीआई को सौंपने में तीन साल क्यों लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने इस मामले का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश की, जैसे सुशांत सिंह राजपूत केस में किया गया था। सावंत ने कहा कि जांच रिपोर्ट में साफ था कि साधुओं पर हमला अफवाहों के कारण हुआ और कई आरोपी भाजपा से जुड़े थे। उन्होंने कहा कि अक्तूबर 2022 में सीबीआई जांच की घोषणा के बाद भी औपचारिक आदेश फरवरी 2024 में जारी हुआ और केस अगस्त 2025 में ट्रांसफर किया गया। सावंत ने आरोप लगाया कि भाजपा अपने नए मुख्यालय की जमीन पर भी अनियमितता कर रही है। यह बीएमसी की संपत्ति थी और करोड़ों की जमीन मात्र 8.91 करोड़ रूपये में ली गई। उन्होंने सरकार और बीएमसी से इस सौदे पर जवाब मांगा।

नाबालिग ने 17 साल की लड़की को जिंदा जलाया

महाराष्ट्र के ठाणे में एक नाबालिग ने 17 साल की लड़की को जिंदा जला दिया। घटना में पीड़िता 80 फीसदी तक जल गई है और उसकी हालत गंभीर है। पुलिस ने बताया कि आरोपी नाबालिग ने पीड़िता के घर में घुसकर उस पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी। पड़ोसियों ने घर से धुआं उठते देखकर पीड़िता के पिता को सूचना दी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना ठाणे के बालकुम इलाके की है। जांच में पता चला है कि आरोपी की उम्र भी 17 साल है और पीड़िता का दोस्त है। दोनों के बीच पूर्व में किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। माना जा रहा है कि उसी नाराजगी में आरोपी ने ये खौफनाक कदम उठाया।घटना के समय पीड़िता के परिजन बाहर गए हुए थे। पुलिस ने आरोपी नाबालिग को जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे रिमांड होम भेज दिया गया। ठाणे की कपूरबावड़ी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 (हत्या की कोशिश) और 351(2) (आपराधिक धमकी) के तहत FIR दर्ज की है।

‘पार्टी की परंपरा को ठेस पहुंची’, लावणी डांस पर बोलीं सुप्रिया सुले

नागपुर के एनसीपी (अजीत पवार गुट) कार्यालय में हुए ‘लावणी’ नृत्य कार्यक्रम पर राजनीतिक विवाद छिड़ गया है। एनसीपी (एसपी) की कार्याध्यक्ष सुप्रिया सुले ने इसे दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह वही पार्टी है जिसे शरद पवार ने मेहनत और जनसेवा से खड़ा किया था। क्या पार्टी उनसे इसलिए छीनी गई थी कि इस तरह का प्रदर्शन हो? सुले ने कहा कि आज जब किसान परेशान हैं, तब ऐसे कार्यक्रम किसी राजनीतिक दल की संस्कृति नहीं हो सकते। वहीं, नागपुर एनसीपी अध्यक्ष अनिल आहिरकर ने सफाई देते हुए कहा कि यह कार्यक्रम दीवाली मिलन समारोह का हिस्सा था, न कि सार्वजनिक आयोजन। उन्होंने बताया कि इसमें पार्टी कार्यकर्ता और कलाकार परिवार की तरह शामिल हुए थे और लावणी प्रस्तुत करने वाली कलाकार पार्टी पदाधिकारी हैं। आहिरकर ने कहा कि मीडिया ने कार्यक्रम को गलत रूप में दिखाया।

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