कर्नाटक के मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चा के बीच सभी की नजरें मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के दिल्ली दौरे पर टिकी हुई हैं। राज्य के ये दोनों बड़े कांग्रेस नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल की किताब के विमोचन कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए राजधानी पहुंचे हैं। सिद्धारमैया ने पार्टी के नेता राहुल गांधी से मुलाकात की।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पुष्टि करते हुए कहा, हां, मैंने राहुल गांधी से मुलाकात की। हमने केवल बिहार चुनाव के बारे में बात की। वह हमारे नेता हैं, इसलिए हमने उन्हें हिम्मत दी क्योंकि बिहार चुनाव में हमें झटका लगा था। उन्होंने कहा कि वह इसकी चिंता नहीं कर रहे हैं। हमने उनसे कहा कि उनका मनोबल नहीं गिरना चाहिए। कैबिनेट फेरबदल पर कोई चर्चा नहीं हुई। अगर मुझे समय मिला तो मैं सोमवार को प्रधानमंत्री से भी मिलूंगा।
वहीं, उपमुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा, मुझे मुख्यमंत्री की राहुल गांधी से मुलाकात के बारे में जानकारी नहीं है। मुझे कैबिनेट फेरबदल पर किसी चर्चा की भी जानकारी नहीं है। मुझे नहीं पता कि मैं रविवार को राहुल गांधी से मिलूंगा या नहीं। अगर आप नेतृत्व परिवर्तन या फेरबदल के बारे में कुछ पूछना चाहते हैं तो मुख्यमंत्री से पूछिए। हमें वही करना है जो पार्टी कहे। मुख्यमंत्री को मल्लिकार्जुन खरगे, गृह मंत्री या प्रधानमंत्री से मिलने का पूरा अधिकार है। इसमें गलत क्या है?
करीब दो हफ्ते पहले मीडिया से बातचीत में सिद्धारमैया ने कहा था कि वह दिल्ली दौरे के दौरान मंत्रिमंडल में फेरबदल पर चर्चा करने के लिए राहुल गांधी से समय मांगेंगे। उन्होंने कहा था, अगर चर्चा का मौका मिला तो मैं दिल्ली में रुकूंगा, वरना 15 नवंबर की रात को वापस लौट जाऊंगा। सिद्धारमैया ने यह भी कहा था कि वह बिहार चुनाव के बाद पार्टी हाईकमान से मंत्रिमंडल के विस्तार पर बात करेंगे।
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शिवकुमार के दिल्ली जाने से एक बार फिर नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज हो गई हैं, जबकि सिद्धारमैया पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वह अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे।मंत्री जमीर अहमद खान ने पहले कहा था कि कोई ‘नवंबर क्रांति’ होने वाली नहीं है। ‘नवंबर क्रांति’ शब्द मंत्री केएन राजन्ना ने इस्तेमाल किया था, जब उन्होंने सरकार में बड़े बदलाव की बात कही थी। उनके शब्द को नेतृत्व परिवर्तन की ओर इशारा माना गया।
मंत्रिमंडल में विस्तार की चर्चा शुरू होते ही कई कांग्रेस विधायक मंत्री बनने की कोशिश में जुट गए हैं। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, विधायक एनए हैरिस, रिजवान अरशद, बीके हरिप्रसाद, बेलूर गोपालकृष्ण, एचसी बालकृष्ण, सलीम अहमद, आरवी देशपांडे, प्रसाद अबय्या नागेंद्र, एम कृष्णप्पा, लक्ष्मण सवदी, एएस पोनन्ना, शिवालिंगे गौड़ा, रूपकला शशिधर और मालूर नंजीगौड़ा मंत्री पद के प्रमुख दावेदार हैं।
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हुबली-धारवाड़ पूर्व से विधायक प्रसाद अबय्या ने कहा कि वह मंत्री पद के मजबूत दावेदार हैं। उन्होंने कहा, मैं दावेदार हूं, लेकिन पार्टी हाईकमान के फैसले का पालन करूंगा। सूत्रों के अनुसार, कुछ दावेदार वर्तमान में दिल्ली में मौजूद हैं, ताकि हाईकमान पर दबाव बढ़ा सकें।



