बिहार में सियासी पारा हर दिन चढ़ता ही जा रहा है और इस बीच अमर उजाला का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ वैशाली की धरती पर पहुंच चुका है। आज 17 अक्तूबर की शाम को राजनेताओं से जनता के मुद्दे पर सवाल पूछे गए। इसके साथ ही उनके दावों-वादों को तोला गया कि किसके पक्ष में सियासी हवा बह रही है। जनता की उम्मीदें और सवाल क्या हैं? पहले जानते हैं चाय पर चर्चा और युवाओं से चर्चा के दौरान क्या बातें हुईं।
चाय पर चर्चा
स्थानीय निवासी विनोद शाह ने कहा कि लालगंज में विकास के काम नहीं हुए हैं। बस इधर-उधर छोटी-छोटी सड़कें बनाई गई हैं। यहां कोई बड़ी कंपनी नहीं आई है, इसलिए लोगों को रोजगार नहीं मिला। इस वजह से लोगों को काफी परेशानी होती है।
रामेश्वर कुमार ने कहा कि फिर से नीतीश कुमार की सरकार बनने जा रही है। पिछले 20 साल में कुछ काम जरूर हुआ है, लेकिन हमारी उम्मीद के अनुसार नहीं। इसलिए हम लोग इस बार प्रधानमंत्री मोदी के नाम पर वोट देंगे।
‘लालगंज का विकास हुआ’
नवल सिन्हा ने कहा कि NDA सरकार के दौरान लालगंज का विकास हुआ है। कुछ लोग कहते हैं कि अगर यहां कोई बड़ी कंपनी लगती तो लोगों को रोजगार मिलता। लेकिन यहां विकास भी हुआ है। यहां 72 एकड़ में बुद्ध समन्वय पार्क बनाया गया है, जो भगवान बुद्ध की अस्थि कलश को समर्पित है। इसके अलावा पर्यटन के क्षेत्र में भी विकास हुआ है। लोकतंत्र हैं, जो चाहे लोग बोल सकते हैं। उन्होंने तेजस्वी यादव के बारे में कहा, “उनके पिताजी की सरकार 15 साल तक रही। उनके समय में कितनी फैक्ट्रियां खुलीं और कितनी चीन की फैक्ट्री बंद हो गई।
सुल्तान मोहम्मद ने कहा कि बिहार का इतिहास स्वर्णिम रहा है। लेकिन बिहार के लोग राजनीति का शिकार हो गए। उन्हें मजदूरी करने के लिए मजबूर किया गया। बिहार के लोग मेहनती हैं। बड़े-बड़े पूंजीवादियों ने बिहार के युवाओं का शोषण किया है। शुरू में बिहार का विकास हुआ था।
दोपहर में युवाओं से चर्चा
युवाओं से चर्चा के दौरान स्थानीय निवासी विक्रम माथुर ने कहा कि नीतीश कुमार ने बहुत काम किया है। इसलिए एक बार फिर NDA की सरकार बननी चाहिए।” रोजगार के मुद्दे पर अजय कुमार ने कहा कि बिहार में हर किसी को नौकरी मिलना संभव नहीं है। इसलिए लोग खुद मेहनत करके अपने जीवन को चलाने लगे हैं। अगर आप पिछले 20 साल पहले का बिहार देखेंगे तो लोग ज्यादा पलायन करते थे, लेकिन अब यह कम हुआ है। बिहार में धीरे-धीरे बदलाव आ रहा है।
वहीं अशोक यदुवंशी ने कहा, ‘शिक्षा के क्षेत्र में बहुत ज्यादा बदलाव आया है। पहले मैं एक प्लास्टिक के बैग में किताबें लेकर जाता था। अब बैग सरकार ही दे रही है। पहले मेरे पिता 10 KM दूर पढ़ने जाते थे, अब यहां पर स्कूल है। महिला आरक्षण की वजह से मेरी बहन नौकरी कर रही है। ये काम NDA सरकार ने किया है ।
राजनीतिक चर्चा
एलजेपी (रामविलास) के नेता अवधेश ने इस दौरान कहा कि महागठबंधन में फिलहाल अस्थिरता देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन में इस समय लठबंधन चल रहा है, जबकि एनडीए में स्थिति पूरी तरह से शांतिपूर्ण है। एनडीए की जीत निश्चित है और हम सभी आठ सीटें जीत रहे हैं।
सीट बंटवारे में देरी को लेकर सवाल पर अवधेश ने कहा कि एनडीए में सब कुछ स्पष्ट है, जबकि महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर खींचतान है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, महागठबंधन के नेता अभी तक सीट शेयरिंग को लेकर कंफ्यूज़ हैं। वैशाली की जनता यह देख रही है और इसलिए वे बिना किसी झिझक के एनडीए के साथ खड़े हैं। विकास के मुद्दों पर उन्होंने कहा कि विकास हुआ है और दिवंगत रामविलास पासवान ने क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया है।
राजद नेता ने किया पलटवार
वहीं, राजद के नेता ने कहा कि वैशाली (हाजीपुर) में मुख्य मुद्दे सड़क, पानी, युवाओं को रोजगार और स्वास्थ्य सेवाएँ हैं। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था चिंताजनक है, सदर अस्पताल में वेंटिलेटर और सिटी स्कैन की सुविधाएँ उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए हाजीपुर की जनता इस बार सरकार को बदलने के मूड में है। राजद नेता ने आगे कहा कि तेजस्वी यादव युवाओं को रोजगार दिलाने और महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि तेजस्वी यादव आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के विज़न के साथ चुनाव मैदान में हैं।
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भाजपा नेता ने राजद नेताओं के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि राजद एक बार फिर बिहार में ‘जंगलराज’ लाना चाहता है और इस बार बाहुबलियों को टिकट दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, “गठबंधन में कलह है। तेजस्वी यादव अपने परिवार में सुलह नहीं कर पाए, तो बिहार की जनता के लिए क्या करेंगे? जिस नेता ने अपने परिवार को संभालने में विफलता दिखाई, वह बिहार को कैसे संभाल पाएगा, यह बड़ा सवाल है।



