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Bihar Election 2020- चिराग विरोधियों को झटका , प्रधानमंत्री ने अपने चुनावी सभाओं में नहीं लिया चिराग का नाम

प्रधानमंत्री के सम्बोधन से पहले बिहार के लोगों और खासकर मीडिया मे यह उत्सुकता थी की मोदी अपने हनुमान चिराग पासवान पर अपनी रैलियों मे बोलेंगे या नहीं।

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BLN- आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार चुनावों के मद्देनजर अपना चुनावी अभियान आरंभ कर दिया । प्रधानमंत्री ने आज तीन स्थानों पर जनता को संबोधित किया जिसकी शुरुआत उन्होने सासाराम की धरती से की , इसके बाद उनकी चुनावी सभाएं गया और भागलपुर मे हुई । प्रधानमंत्री के सम्बोधन से पहले बिहार के लोगों और खासकर मीडिया मे यह उत्सुकता थी की मोदी अपने हनुमान चिराग पासवान पर अपनी रैलियों मे बोलेंगे या नहीं।

सासाराम में मोदी ने स्व रामविलास पासवान को याद करते हुए उन्हे श्रद्धांजली तो दिया लेकिन चिराग पासवान का नाम एक बार भी नहीं लिया । हालांकि प्रधानमंत्री ने यह जरूर कहा की बिहार के लोग कभी भ्रम में नहीं रहते हैं. चुनाव से पहले ही उन्होंने अपना स्पष्ट संदेश सुना दिया है, जितने भी सर्वे और रिपोर्ट आ रहे हैं उसमें साफ़ है कि बिहार में फिर एनडीए की सरकार बन रही है.

पीएम मोदी ने अपनी इन बातों से और यह कहते हुए और भी स्पष्ट किया कि हर चुनाव में भ्रम फैलाया जाता है, लेकिन इसका मतदान पर कोई असर नहीं होता है. पीएम मोदी ने मंच पर सीएम नीतीश की मौजूदगी में कहा कि आत्मनिर्भरता के संकल्प को मजबूत करने के लिए बिहार में फिर नीतीश जी की अगुवाई में सरकार बनानी जरूरी है.

निश्चित रूप से चिराग पर प्रधानमंत्री की यह नरमी नीतीश कुमार को खली तो जरूर होगी और वह भी तब जब चिराग पासवान नीतीश कुमार पर हमला करने का एक भी मौका नहीं छोड़ रहे हैं । प्रधानमंत्री की रैली से पहले भी उन्होने नीतीश कुमार पर हमलावर होते हुए ट्वीट में लिखा की

यही नहीं जैसे ही प्रधानमंत्री मोदी ने रमविलस पासवान को श्रद्धांजली दी ठीक उसके बाद चिराग पासवान का एक और ट्वीट आया जिसमे चिराग ने प्रधानमंत्री को धन्यवाद करते हुए लिखा की

मोदी के आज के भाषण में अपने विरोधियों के लिए था तो बहुत कुछ लेकिन उनके अभिभाषण से चिराग विरोधियों को जो उम्मीद थी उन्हे निराशा जरूर हाथ लगी होगी । एक तरफ गठबंधन धर्म और एक तरफ हनुमान की भक्ति आज प्रधानमंत्री ने अपने भक्त की लाज तो रख ली लेकिन गठबंधन धर्म निभाने में प्रधानमंत्री कहीं न कहीं थोड़ा पीछे तो जरूर दिखे ।

ऐसे आज तो प्रधानमंत्री का या पहला ही चुनावी दौरा था संभव है की अपने आने वाले रैलियों मे वह गठबंधन धर्म को मजबूत करते हुए दिखें और अपने हनुमान पर हमलावर भी हों , देखिये आगे आगे होता है क्या ।

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