बिहार के प्रसिद्ध शक्तिपीठ थावे दुर्गा मंदिर में करोड़ों रुपये की सनसनीखेज चोरी के मामले में पुलिस को शनिवार तड़के बड़ी सफलता मिली है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई घेराबंदी के दौरान पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें इस कांड का दूसरा मुख्य आरोपी इस्माइल आलम गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने घायल अवस्था में उसे गिरफ्तार कर लिया है।
शनिवार सुबह पुलिस की विशेष टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए इलाके में घेराबंदी की थी। खुद को घिरता देख इस्माइल आलम ने भागने की कोशिश की। इसी दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में चली गोली उसके पैर में लगी, जिससे वह मौके पर ही गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा। इससे पहले पुलिस इस मामले में उत्तर प्रदेश के गाजीपुर निवासी दीपक राय को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब इस्माइल आलम की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूरे गिरोह के नेटवर्क को खंगालने और पूरी तरह ध्वस्त करने में जुट गई है।
गौरतलब है कि 17 दिसंबर की रात शातिर चोरों ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए सीधे गर्भगृह में प्रवेश किया था। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दिया कि चोरों ने लगभग एक करोड़ रुपये मूल्य का सोने का मुकुट और कीमती हार चोरी किया। इसके साथ ही दान पेटी को तोड़कर उसमें रखी भारी नकदी भी लेकर फरार हो गए थे। इस घटना ने न सिर्फ जिले बल्कि पूरे बिहार में मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
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चोरी की घटना के बाद जहां श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश देखने को मिला, वहीं माता के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा भी सामने आई। उल्लेखनीय है कि जिले के मानिकपुर निवासी अखिल श्रीवास्तव ने करीब एक वर्ष पहले माता को 51 लाख रुपये का स्वर्ण मुकुट अर्पित किया था। वहीं, चोरी की घटना के महज पांच दिन बाद, 22 दिसंबर को कुचायकोट विधायक अमरेंद्र पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय ने माता के दरबार में करीब 3.5 करोड़ रुपये की लागत वाला भव्य स्वर्ण मुकुट और हार भेंट कर अपनी आस्था प्रकट की। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और चोरी गए आभूषणों व नकदी की बरामदगी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। पूरे मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।



