संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने बृहस्पतिवार को सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा और उनकी सरकार के कुछ सदस्यों पर लगे प्रतिबंध हटाने के लिए अमेरिकी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। यह ऐतिहासिक फैसला उस समय आया है जब अल-शरा कुछ दिनों में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने व्हाइट हाउस पहुंचने वाले हैं। इस प्रस्ताव के पक्ष में 14 सदस्य देशों ने मतदान किया, जबकि चीन ने वोटिंग से परहेज किया।
‘सीरिया अब एक नए युग में प्रवेश कर चुका है’
अमेरिका के संयुक्त राष्ट्र राजदूत माइक वाल्ट्ज ने कहा कि यह फैसला सीरिया के लिए एक नए युग की शुरुआत है। दिसंबर 2024 में असद शासन के पतन के बाद यह कदम सीरिया की नई राजनीतिक दिशा को मान्यता देता है। अमेरिका चाहता है कि राष्ट्रपति ट्रंप की मेजबानी में अहमद अल-शराकी यात्रा से दोनों देशों के बीच वर्षों से जमे तनाव खत्म हों। यह 1946 के बाद पहली बार होगा जब कोई सीरियाई राष्ट्रपति वाशिंगटन का दौरा करेगा। बता दें किअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 10 नवंबर को सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा की मेजबानी करेंगे।
सीरिया ने कहा-‘विश्वास की वापसी का प्रतीक है यह फैसला’
सीरियाई विदेश मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र के इस कदम का स्वागत किया और कहा कि यह फैसला राष्ट्रपति अल-शराके नेतृत्व पर बढ़ते वैश्विक विश्वास का प्रतीक है और सीरिया की अंतरराष्ट्रीय साख बहाल करने की दिशा में ऐतिहासिक सफलता है।
हालांकि चीन के संयुक्त राष्ट्र राजदूत फू कॉन्ग ने कहा कि यह प्रस्ताव सभी पक्षों की चिंताओं को पूरी तरह से संबोधित नहीं करता। उन्होंने अमेरिका पर “राजनीतिक लाभ” के लिए प्रस्ताव को जल्दबाजी में आगे बढ़ाने का आरोप लगाया।



