आपदा में उजड़े मजाड़ा गांव के लोगों के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिवाली मनाई। सीएम सोमवार को मजाड़ा पहुंचे। मजाड़ा के लोगों ने इस बार दिवाली न मनाने का निर्णय लिया था। उनकी इस पीड़ा को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया तो सरकार ने इसका संज्ञान लिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, सोमवार को सहस्त्रधारा, देहरादून स्थित मझाड़ा गांवपहुंचे। जहां उन्होंने काली गाड़, मझाड़ा गांवएवं सहस्त्रधारा क्षेत्र के आपदा प्रभावितों से भेंट कर उनकी समस्याओं को सुना एवं उन्हें दीपावली की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्र में चल रहे पुर्ननिर्माण कार्यों का भी स्थलीय निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री प्रभावितों केघर पहुंचे औरमहिलाओं, बच्चों, और ग्रामवासियों से बातचीत की। उन्होंनेग्रामवासियों की मांग अनुसार अधिकारियों को रिवर ट्रेनिंग करने के और गांव की सुरक्षा के लिए सुरक्षा दीवार निर्माण कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।
15 सितंबर को आई थी आपदा
गत 15 सितंबर को देहरादून के मजाड़ा-कार्लीगाड गांव में आपदा ने भारी तबाही मचाई थी। दोनों ही गांवों में सब कुछ तहस-नहस हो गया है। मजाड़ा में एक मजदूर सहित गांव निवासी अंकित की मौत हो गई थी। वहीं, कई लोगों के घर टूट गए हैं और रिजॉर्ट सहित कई मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।
आपदा को एक महीना बीत गया लेकिन अभी तक भी मजाड़ा के लोग इस आपदा को भुला नहीं पाए हैं और न ही वहां पर जीवन पटरी पर आया है। जहां पूरा देश दीपावली के जश्न में डूबा हुआ है वहीं मजाड़ा के लोगों में आज भी मायूसी है।
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यही कारण है कि मजाड़ा के लोगों ने इस दीपावली नहीं मनाने का निर्णय लिया था। 18 अक्तूबर को इस संबंध में अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीपावली मजाड़ा के लोगों के साथ मनाने की बात कही।



