Tuesday, February 10, 2026
No menu items!
.
HomeBihar Newsअयोध्या ध्वजारोहण: पूर्व संध्या पर राम मंदिर रोशनी से नहाया, ध्वज दंड...

अयोध्या ध्वजारोहण: पूर्व संध्या पर राम मंदिर रोशनी से नहाया, ध्वज दंड पर 21 KG स्वर्ण परत; 32 मिनट का मुहूर्त


राम मंदिर के ध्वजारोहण समारोह में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को सुबह 9.30 बजे अयोध्या एयरपोर्ट पहुंचेंगे। साकेत कॉलेज से रोड शो के माध्यम से अयोध्या वासियों का अभिनंदन करते हुए वह श्री राम जन्मभूमि मंदिर जाएंगे। पीएम सुबह करीब 10 बजे राम जन्मभूमि के सप्त मंदिर जाएंगे।




Trending Videos

2 of 10

अयोध्या राम मंदिर।
– फोटो : अमर उजाला।


इस दौरान महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, महर्षि वाल्मीकि, देवी अहिल्या, निषादराज गुहा और माता शबरी मंदिर में शीश झुकाएंगे। इसके बाद श्रीराम के अनुज लक्ष्मण के शेषावतार मंदिर जाएंगे। सुबह 11 बजे माता अन्नपूर्णा मंदिर जाएंगे। इसके बाद रामलला और राम दरबार के गर्भगृह में दर्शन-पूजन करेंगे। इस दौरान आराध्य की आरती उतार कर दंडवत प्रणाम करेंगे।


3 of 10

अयोध्या राम मंदिर
– फोटो : अमर उजाला।


प्रधानमंत्री दोपहर करीब 12 बजे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराएंगे। यह आयोजन मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की शुभ पंचमी पर श्रीराम और मां सीता की विवाह पंचमी के अभिजीत मुहूर्त में होगा। 10 फीट ऊंचे और 20 फीट लंबे समकोण वाले तिकोने ध्वज का आरोहण किया जाएगा।


4 of 10

राम मंदिर।
– फोटो : अमर उजाला।


इस पर भगवान श्रीराम की प्रतिमा और वीरता के प्रतीक चमकते सूरज की तस्वीर है। इस पर कोविदार वृक्ष की तस्वीर के साथ ””ॐ”” लिखा है। पवित्र भगवा झंडा रामराज के आदर्शों को दिखाते हुए गरिमा, एकता और सांस्कृतिक निरंतरता का संदेश देगा।


5 of 10

राम मंदिर।
– फोटो : अमर उजाला।


यह ध्वज पारंपरिक उत्तर भारतीय नागर आर्किटेक्चरल शैली में बने राम मंदिर के शिखर पर फहराया जाएगा, जबकि मंदिर के चारों ओर दक्षिण भारतीय आर्किटेक्चरल परंपरा में डिजाइन किया गया 800 मीटर का परकोटा मंदिर की आर्किटेक्चरल विविधता को दिखाता है। राम जन्मभूमि परिसर में मुख्य मंदिर की बाहरी दीवारों पर वाल्मीकि रामायण पर आधारित भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े बारीकी से पत्थर पर उकेरे गए 87 प्रसंग हैं। घेरे की दीवारों पर भारतीय संस्कृति से जुड़े 79 कांस्य ढाल वाले प्रसंग रचे गए हैं।


RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments