Tuesday, February 10, 2026
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परत दर परत आतंकी नेटवर्क की जड़ तक पहुंची पुलिस: पोस्टरों से खुला मोहरों का राज; मौलवी ने पहुंचाया मुजम्मिल तक

दिल्ली को दहलाने वाले की कोशिश में जुटे आतंकी नेटवर्क की जड़ तक पुलिस को कुछ पोस्टरों ने पहुंचाया। हालिया वर्षों के सबसे बड़े आतंकवाद रोधी अभियान के दौरान जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की पुलिस ने करीब 2,900 किलोग्राम आईईडी बनाने की सामग्री, असॉल्ट राइफलें, पिस्तौल, रसायन, इलेक्ट्रॉनिक्स और ज्वलनशील पदार्थ बरामद किए हैं। इस पूरे मामले की तह तक पुलिस को श्रीनगर में लगे कुछ पोस्टरों ने पहुंचाया।

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  • 19 अक्तूबर को श्रीनगर के बनपोरा नौगाम इलाके में कई जगह लगे जैश-ए-मोहम्मद के धमकी भरे पोस्टर में पुलिस और सुरक्षा बलों को धमकी दी गई थी
  • उर्दू में लिखे पर्चे में स्थानीय लोगों से सुरक्षा बलों का सहयोग न करने और उन्हें अपनी दुकानों या प्रतिष्ठानों में सुरक्षा बलों को बैठने न देने की चेतावनी भी दी गई थी
  • डॉ. मुजम्मिल से पूछताछ के बाद धौज में दो ठिकानों का पता चला
  • पुलिस ने 358 किलोग्राम संदिग्ध अमोनियम नाइट्रेट, तीन मैगजीन वाली एक क्रिंकोव असॉल्ट राइफल, 83 कारतूस, एक पिस्तौल और बम बनाने का सामान बरामद किया था
  • पुलिस की समन्वित टीमों ने 9 नवंबर को फरीदाबाद में एक मदरासी नामक व्यक्ति की निशानदेही पर अगले दिन 10 नवंबर को विस्फोटों की बड़ी खेप, 2563 किलो पकड़ी

मौलवी ने डॉ. मुजम्मिल तक पहुंचाया

पोस्टर के सहारे मौलवी इरफान अहमद वाघे को शोपियां से और जमीर अहमद को गांदरबल से 20 से 27 अक्तूबर के बीच गिरफ्तार किया। इसके बाद 5 नवंबर को डॉक्टर अदील को सहारनपुर से पकड़ा गया और 7 नवंबर को एक एके-56 और अन्य गोला-बारूद अनंतनाग के अस्पताल में जब्त हुआ। इसके बाद 8 नवंबर को कुछ और बंदूक, पिस्तौल और बारूद फरीदाबाद के अल फलाह मेडिकल कॉलेज से जब्त हुआ।

मौलवी वाघे से ने फरीदाबाद के मेडिकल प्रोफेसर डॉ. मुजम्मिल का राज खोला और पुलिस ने उसे गिरफ्त में लिया। इसके जरिये पुलिस जैश की महिला आतंकी शाहीन तक पहुंची। पुलिस डॉक्टर उमर तक भी पहुंच जाती लेकिन उसे छापों की भनक लग गई और वह फरार हो गया। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अभियान को यूपी और हरियाणा तक विस्तारित किया। दोनों राज्यों की पुलिस के सहयोग से मारे गए छापों में हथियारों और विस्फोटकों का बड़ा जखीरा मिला।

दो साल से रची जा रही थी साजिश…

पुलिस सूत्रों ने बताया कि हमले की साजिश और आतंकियों की भर्ती दो साल से चल रही थी। पुलिस के अनुसार, व्हाइट कॉलर आतंकी नेटवर्क चला रहा समूह लोगों को कट्टरपंथी बनाने और धन व रसद पहुंचाने के लिए एन्क्रिप्टेड चैनलों का इस्तेमाल कर रहा था। सामाजिक/धर्मार्थ कार्यों की आड़ में पेशेवर और शैक्षणिक नेटवर्क के माध्यम से धन जुटाया गया था। पुलिस और खुफिया गहराई से पड़ताल में जुटी है।

सभ्य समाज में हिंसा और आतंक का कोई स्थान नहीं : डॉ. फारूक

जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने दिल्ली कार विस्फोटकी कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि सभ्य समाज में हिंसा वआतंक का कोई स्थान नहीं है। यह निर्दोष लोगों में भय फैलाने के लिए रची गई कायरतापूर्ण और अमानवीय घटना है। डॉ. फारूक ने कहा, मेरी संवेदना उन सभी लोगों के साथ है जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है और जो अस्पतालों में चोटों से जूझ रहे हैं। इस दुख की घड़ी में पूरा देश एकजुट है।

कार्रवाई से बौखलाकर कराया आत्मघाती हमला : एसपी वैद

पूर्व डीजीपी एसपी वैद नेकहा कि ऑपरेशन सिंदूर में मुंहकी खाने के बाद से बौखलाया पाकिस्तान भारत में बड़ा हमलाकरने की फिराक में था।आतंकी मॉड्यूल का खुलासाऔर 2900 किलोग्राम विस्फोटक मिलना बताता है कि आतंकी देशके विभिन्न इलाकों को दहलानाचाहते थे। मॉड्यूल का खुलासा होनेपर घबराए आतंकियों ने दिल्ली में विस्फोट किया। इसके कश्मीर सेजुड़ते तार बता रहे हैं कि उनकेमंसूबे क्या थे।

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