कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में फुटबॉल के महान खिलाड़ी लियोनल मेसी के स्वागत के लिए आयोजित किया गया भव्य आयोजन एक यादगार जश्न होना था, लेकिन यह कार्यक्रम कई लोगों के लिए डर और अव्यवस्था की कहानी बन गया। इस इवेंट में परफॉर्म करने के लिए लंदन से विशेष तौर पर भारत आए भारतीय मूल के गायक चार्ल्स एंटनी के लिए यह दिन जिंदगी का सबसे भयावह अनुभव साबित हुआ।
‘जान बचाने के लिए भागना पड़ा’
18 भाषाओं में गाने वाले मलयाली सिंगर चार्ल्स एंटनी ने मेसी के लिए खास तौर पर एक स्पेनिश गीत तैयार किया था, जिसे वह कोलकाता में गाने वाले थे। सिंगर का दावा है कि हालात ऐसे बिगड़े कि उन्हें मंच पर खड़े होने की बजाय अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा। भीड़ नियंत्रण पूरी तरह विफल हो गया और स्टेडियम में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
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एंटनी के मुताबिक, दर्शकों की भारी संख्या और सुरक्षा व्यवस्था की कमी ने हालात को और खतरनाक बना दिया। हजारों की तादाद में मौजूद फैंस, जिन्होंने महंगे टिकट खरीदे थे, अपने पसंदीदा खिलाड़ी की एक झलक तक न मिलने से आक्रोशित हो उठे। देखते ही देखते स्टेडियम में बोतलें, खाने के पैकेट और अन्य चीजें उछाली जाने लगीं। इस दौरान मेस्सी, लुइस सुआरेज़ और रोड्रिगो डी पॉल भी भीड़ से घिरते नजर आए।
पुलिस ने सुरक्षित जगह जाने की सलाह दी
गायक ने बताया कि उन्हें पुलिस ने तुरंत सुरक्षित जगह पर जाने की सलाह दी। बिना किसी मदद के उन्होंने अपना म्यूजिक इक्विपमेंट समेटा और मैदान के बीच की ओर भागे ताकि दर्शक दीर्घा से हो रहे हमलों से बच सकें। गले में पास लटका होने के कारण लोग उन्हें आयोजक समझने लगे, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई।
चार्ल्स एंटनी के लिए यह अनुभव इसलिए भी कड़वा रहा क्योंकि इससे पहले वह 2016 में कोलकाता में डिएगो माराडोना के सामने गा चुके थे, जहां कार्यक्रम पूरी तरह व्यवस्थित और सुरक्षित था। इस बार हालात इसके बिल्कुल उलट थे। हालांकि वह कुछ गाने गाने में सफल रहे, लेकिन मेस्सी के लिए तैयार किया गया विशेष गीत गाने का मौका नहीं मिल सका।
गायक को बार-बार होटल बदलना पड़ा
इस पूरे घटनाक्रम के बाद गायक को होटल बदलना पड़ा और आयोजकों से संपर्क भी नहीं हो सका। उन्होंने साफ किया कि उन्होंने इस आयोजन के लिए कोई फीस नहीं ली थी, सिर्फ सफर और ठहरने की व्यवस्था की गई थी। इसके बावजूद, यह दिन उनके लिए एक दर्दनाक याद बन गया।



