बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि रुपये के अवमूल्यन का मामला अब आर्थिक न होकर, देश व जनहित का बन गया है। केंद्र सरकार आर्थिक सलाहकारों के भरोसे रहने के बजाय खुद गंभीर होकर इसके समाधान के ठोस उपाय करे। बसपा सुप्रीमो शनिवार को नई दिल्ली में संविधान रचयिता डॉ. भीमराव आंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित कर रही थीं।
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि बसपा इस बात को लेकर सचेत, सजग व चिंतित है कि देश के करोड़ों शोषित-पीड़ित दलितों, आदिवासियों व अन्य पिछड़े वर्गों के लोगों के ’अच्छे दिन’ अब तक क्यों नहीं आए हैं, जिनके लिए डॉ. आंबेडकर आजीवन संघर्ष करते रहे। जातिवादी पार्टियों के राजकाज में गरीब व मेहनतकश बहुजनों को बेहतर जीवन मिलना संभव नहीं है।
वह सत्ता की मास्टर चाबी प्राप्त करने के लिए संघर्षरत तो हैं, लेकिन विरोधी साम, दाम, दंड, भेद आदि हथकंडों का इस्तेमाल कर उन्हें शासक वर्ग बनने से रोकने का प्रयास कर रहे हैं। इससे निपटने के लिए बहुजनों को अपनी वोट की ताकत को सही से पहचानना होगा व उसकी रक्षा करनी होगी। चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे वोटर लिस्ट के सघन पुनरीक्षण अर्थात एसआईआर का विशेष महत्व है और इसमें पूरी जागरूकता के साथ भागीदारी जरूरी है। आज की विषम परिस्थिति में बहुजनों के मसीहा डाॅ. आंबेडकर के बताए रास्तों पर चलना जरूरत बन गया है।
नोएडा में आकाश रहे मौजूद
बसपा सुप्रीमो के निर्देश पर नोएडा में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने डॉ. आंबेडकर को राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल एवं ग्रीन गार्डेन जाकर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान में भारी संख्या में पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड से आए बसपा समर्थक मौजूद रहे। वहीं लखनऊ में बसपा प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने डॉ.. भीमराव आंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल में श्रद्धांजलि दी। अन्य राज्यों में भी जोन स्तर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
