एशिया कप की निराशा के बाद जोरदार जवाब
कुछ दिन पहले ही अंडर-19 एशिया कप के फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी का दिन खास नहीं रहा था। बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए वह 10 गेंदों पर 26 रन बनाकर आउट हो गए थे। इसके बाद भारतीय टीम का पतन शुरू हुआ और मैच हाथ से निकल गया। उस मुकाबले में पाकिस्तानी गेंदबाज अली रजा के साथ उनकी तीखी नोकझोंक और मैदान पर दिखी झुंझलाहट को लेकर भी उनकी आलोचना हुई थी, लेकिन विजय हजारे ट्रॉफी में यह शतक उसी आलोचना का करारा जवाब साबित हुआ।
36 गेंदों में ऐतिहासिक शतक
रांची में खेले गए मुकाबले में बिहार ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। वैभव सूर्यवंशी ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर अपनाए और अरुणाचल प्रदेश के गेंदबाजों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने महज 36 गेंदों में अपना शतक पूरा किया और अंततः 84 गेंद में 190 रन की विस्फोटक पारी खेलकर आउट हुए। इस दौरान उनके बल्ले से 16 चौके और 15 छक्के निकले। उनका स्ट्राइक रेट 226.19 का रहा।
छक्कों की बारिश, एक और रिकॉर्ड की बराबरी
इस पारी में वैभव ने 15 छक्के लगाए और विजय हजारे ट्रॉफी की एक पारी में दूसरे सबसे ज्यादा छक्के लगाने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। इससे पहले 2022 में नारायण जगदीशन ने भी अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ ही 15 छक्के जड़े थे।



