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‘हटाए जाएं अल-शरा पर लगे प्रतिबंध’: जिसपर कभी US ने रखा था एक करोड़ डॉलर का इनाम, अब उसके लिए की UNSC से अपील

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'हटाए जाएं अल-शरा पर लगे प्रतिबंध': जिसपर कभी US ने रखा था एक करोड़ डॉलर का इनाम, अब उसके लिए की UNSC से अपील

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 10 नवंबर को सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा की मेजबानी करेंगे। इससे पहले अमेरिका ने बड़ा कदम उठाते हुएसंयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा और उनकी सरकार के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों पर लगे प्रतिबंधों को हटाने का प्रस्ताव रखा है। यह कदम अल-शरा की ऐतिहासिक व्हाइट हाउस यात्रा से पहले उठाया गया है।

गुरुवार तक मतदान के लिए पेश हो सकता हैप्रस्ताव

एसोसिएटेड प्रेस को प्राप्त मसौदा प्रस्ताव के अनुसार अमेरिका ने 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद से अहमद अल-शरा और सीरिया के गृह मंत्री अनस हसन खत्ताब पर लगे प्रतिबंधों को समाप्त करने का आग्रह किया है। मामले से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि यह प्रस्ताव गुरुवार (06 नवंबर) तक मतदान के लिए पेश किया जा सकता है। उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर उन योजनाओं पर चर्चा की, जो अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई हैं।

इसके पारित होने के लिए परिषद के नौ सदस्यों का समर्थन और किसी स्थायी सदस्य चीन, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस या अमेरिका के वीटो की आवश्यकता नहीं होगी। अमेरिकी अधिकारी सोमवार (10 नवंबर) को वाशिंगटन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा अल-शरा की मेजबानी से पहले इसे लागू करने पर जोर दे रहे हैं। यह सीरिया की आजादी के बाद किसी सीरियाई राष्ट्रपति की वाशिंगटन की पहली आधिकारिक यात्रा होगी।

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बताया जा रहा है कि अल-शरा के वाशिंगटन में रहने के दौरान सीरिया के अमेरिका के नेतृत्व वाले इस्लामिक स्टेट विरोधी गठबंधन में शामिल होने की उम्मीद है, जिसमें लगभग 80 देश शामिल हैं, जो इस चरमपंथी समूह के फिर से उभरने को रोकने के लिए काम कर रहे हैं।

अमेरिका का यह प्रयास दिसंबर में असद परिवार के 50 साल के शासन के अंत के बाद सीरिया के साथ संबंधों को फिर से बनाने की ट्रम्प की रणनीति का हिस्सा है। दिसंबर में बशर अल-असद के शासन के पतन के बाद अल-शरा ने सत्ता संभाली थी और तबसे वह उन देशों से संबंध सुधारने की कोशिश कर रहे हैं, जो असद शासन के दौरान सीरिया से दूर हो गए थे।असद के पतन के साथ ही लगभग 14 साल से चल रहा गृहयुद्ध भी समाप्त हो गया।

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अमेरिका ने कभी घोषित किया थाआतंकी संगठन

अल-शरा तब से अरब देशों और पश्चिमी देशों के साथ रिश्ते सामान्य करने की कोशिश कर रहे हैं। जहां अधिकारी शुरू में शुरू में उनके अल-कायदा से पुराने संबंधों को लेकर संदेह था। अल-शरा पहले हयात तहरीर अल-शाम नामक विद्रोही संगठन के नेता रह चुके हैं, जिसे अमेरिका ने कभी आतंकी संगठन घोषित किया था।

बता दें कि ट्रंप ने इस साल मई में सऊदी अरब में अल-शरा से मुलाकात की थी और सीरिया पर दशकों से लगे आर्थिक प्रतिबंध हटाने की घोषणा की थी। उन्होंने बाद में कई प्रतिबंधों को आंशिक रूप से हटा भी दिया। हालांकि, 2019 में अमेरिकी कांग्रेस द्वारा लगाए गए कड़े प्रतिबंध अब भी लागू हैं और उन्हें हटाने के लिए कांग्रेस की स्वीकृति आवश्यक होगी।

अमेरिका ने रखा था एक करोड़ डॉलर का इनाम

सितंबर में अल-शरा ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा को भी संबोधित किया था, जिससे संकेत मिला कि सीरिया फिर से वैश्विक कूटनीतिक हलकों में लौटने की कोशिश कर रहा है। अल-शरा कभी अल-कायदा के सीरियाई गुट का नेतृत्व करते थे, लेकिन करीब एक दशक पहले उन्होंने इस नेटवर्क से नाता तोड़ लिया और बाद में आईएसआईएस से भी भिड़ गए। कभी अमेरिका ने उनके सिर पर एक करोड़ डॉलर का इनाम रखा था और उन्हें इराक युद्ध के दौरान अमेरिकी बलों ने हिरासत में लिया था।

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