पटियाला हाउस कोर्ट ने बुधवार को गैंग्स्टर अनमोल बिश्नोई को 11 दिन की एनआईए के हिरासत में भेज दिया है। स्थित विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा की अदालत में एनआईए ने अदालत से 15 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने 11 दिन की रिमांड को मंजूर दी। मामले की इन-कैमरा सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे। एनआईए ने दलील दी कि अनमोल बिश्नोई सिंडिकेट आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशल से जुड़़ा हुआ है। इसलिए खालिस्तानी कनेक्शन की जांच के लिए भी उससे पूछताछ की जाएगी।
एनआईए ने कहा कि अनमोल जेल में बंद गैंग्स्टर लारेंस बिश्नोई का भाई और करीबी सहयोगी है। एनआईए ने दलील दी कि हिरासत में पूछताछ से उसके सहयोगी, गिरोह में उसकी भूमिका, सिंडिकेट का संचालन, फंडिंग स्रोत, इंटरनेट मीडिया अकाउंट्स व अन्य लोगों की भागीदारी और नेटवर्क की गतिविधियों का पता लगाया जाएगा। एनआईए ने बताया कि अनमोल की हिरासत पूरी होने के बाद उसे 29 नवंबर को फिर से अदालत में पेश किया जाएगा। अनमोल पर पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या (मई 2022), एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या (वर्ष 2024) और अभिनेता सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग सहित 35 से अधिक हत्या मामलों और 20 से अधिक अपहरण, धमकी और हिंसा के मामले दर्ज हैं।
विशेष लोक अभियोजक ने दलील दी कि अनमोल सिंडिकेट चलाने और आतंकी-गैंगस्टर नेटवर्क में अहम जानकारी रखने वाला सदस्य है। एनआईए ने दलील दी कि लारेंस बिश्नोई गिरोह ने गोल्डी ब्रार, सचिन थापन, विक्रम ब्रार और अनमोल जैसे सहयोगियों के माध्यम से नेटवर्क का विस्तार किया। वर्ष 2020 तक इस गिरोह के 700 से अधिक सदस्य थे और यह करोड़ों रुपये की सालाना कमाई कर रहा था। एजेंसी ने इसे दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी से तुलना करते हुए कहा कि अनमोल का नेटवर्क उत्तर भारत में कानून-व्यवस्था को अस्थिर करने के लिए आतंक, हत्या और वसूली में सक्रिय था। एनआईए ने कहा कि अनमोल के पास दो भारतीय पासपोर्ट हैं, जिनमें से एक फर्जी है। इससे मिलने वाली जानकारी से गिरोह से जुड़े और लोगों की पहचान हो सकती है।
