Home Bihar News Bihar: लोको पायलटों की 48 घंटे की भूख हड़ताल, 9 सूत्री मांगों...

Bihar: लोको पायलटों की 48 घंटे की भूख हड़ताल, 9 सूत्री मांगों पर अड़े रनिंग स्टाफ; रेलवे प्रशासन पर बढ़ा दबाव

0
Bihar: लोको पायलटों की 48 घंटे की भूख हड़ताल, 9 सूत्री मांगों पर अड़े रनिंग स्टाफ; रेलवे प्रशासन पर बढ़ा दबाव

अखिल भारतीय लोको रनिंग स्टाफ संघ के आह्वान पर आज से देशभर के सभी लोको पायलट और सहायक लोको पायलटों ने अपने-अपने डिवीजनल मुख्यालयों पर 48 घंटे की भूख हड़ताल शुरू कर दी है। इसी क्रम में मुजफ्फरपुर जंक्शन पर भी ऑल इंडिया रनिंग स्टाफ एसोसिएशन ने प्रदर्शन करते हुए अपनी नौ सूत्री मांगें सरकार के समक्ष रखीं।

प्रदर्शन कर रहे लोको पायलटों का कहना है कि रेलवे तय नियमों के खिलाफ जाकर अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन और लंबी ड्यूटी करवा रही है। यह नियमों की स्पष्ट अनदेखी है, और यदि सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो आंदोलन को और आगे बढ़ाया जाएगा।

केंद्रीय संगठन मंत्री झुन्नू कुमार ने कहा कि लगातार ड्यूटी और लंबे कार्य समय के कारण वे “मशीन” की तरह काम करने को मजबूर हो गए हैं, जिससे शारीरिक व मानसिक परेशानियां बढ़ रही हैं। अतिरिक्त ड्यूटी लेने के बाद भी उन्हें उसके बदले मिलने वाले अधिकारों और भत्तों से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से निर्वहन कर रहे हैं ताकि रेल संचालन बाधित न हो, लेकिन सरकार इस गंभीर मुद्दे पर पूरी तरह उदासीन बनी हुई है।

पढे़ं:कैमूर में दो सगे भाई-बहन की संदिग्ध मौत, इलाके में सनसनी; परिजनों ने नौ लोगों पर हत्या का लगाया आरोप

ऑल इंडिया संगठन के मंत्री ने आगे कहा कि टीए के सापेक्ष प्रति किलोमीटर भत्ते में 25 प्रतिशत वृद्धि, जिसे 1 जनवरी 2024 से लागू होना था, अभी तक नहीं किया गया है। इसके साथ ही प्रति किमी भत्ते का 70 प्रतिशत हिस्सा आयकर से मुक्त करने की मांग भी लंबित है।

इसके अलावा उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं-

  • साप्ताहिक और आवधिक विश्राम 16+30 घंटे,
  • आउट स्टेशन विश्राम 8+2 घंटे,
  • मुख्यालय में 16+2 घंटे का अनिवार्य विश्राम,
  • रनिंग स्टाफ को 36 घंटे के अंदर मुख्यालय वापसी,
  • सहायक लोको पायलट को रिस्क एलाउंस सुनिश्चित करना,
  • NSP और UPS को रद्द कर OPS की बहाली

इन सभी मुद्दों पर सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग की गई है। एसोसिएशन का कहना है कि यदि नौ सूत्री मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो यह आंदोलन आगे और उग्र रूप ले सकता है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version