राष्ट्रीय लोक मोर्चा के कोटे से मंत्री बने दीपक प्रकाश ने आज पंचायती राज विभाग में अपना कार्यभार संभाला। पदभार ग्रहण करने के बाद विभाग के सचिव ने मंत्री को विभाग की संरचना, कार्यप्रणाली और प्रमुख योजनाओं की जानकारी दी। विभागीय कार्यों को एक प्रस्तुति (PPT) के माध्यम से विस्तारपूर्वक बताया गया। मंत्री ने विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों से मुलाकात कर उनके दायित्वों और कार्यों की जानकारी प्राप्त की और विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की। इधर, पत्रकारों से बातचीत की शुरुआत में दीपक प्रकाश थोड़े असहज दिखे। उन्होंने कहा कि मेरा समय बर्बाद न करे। इसके जब उनसे अपनी बात रखने के लिए कहा गया तो उन्होंने कहा कि हमारे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में पंचायती राज विभाग का एक अहम रोल है। मुझे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री के रूप में काम करने का अवसर मिल रहा है। मेरी कोशिश रहेगी की पंचायती राज व्यवस्था की संस्थान इस तरह से काम करें। बिहार के हर गांव में एक-एक व्यक्ति तक लोकतांत्रिक व्यवस्था की शक्ति पहुंचे। हर एक व्यक्ति राजनीतिक भागीदारी में हिस्सेदार बने। अगर किसी तरह की नई पहल की आवश्यकता होगी तो वह भी किया जाएगा।
समिति का गठन किया जाएगा
मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि जिला परिषद की संपत्तियों को चिह्नित कर उनके विकास की दिशा में कार्य किया जाएगा, ताकि आंतरिक राजस्व में वृद्धि हो और स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित किए जा सकें। साथ ही ग्राम पंचायत स्तर पर योजनाओं के अनुश्रवण के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के सदस्य शामिल होंगे। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ेगी।
जल्दी नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाएगी
उन्होंने कहा कि विभाग के अंतर्गत सभी रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाएगी। राज्य में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने, रोजगार सृजन एवं योजनाओं को पारदर्शी ढंग से लागू करने की दिशा में विभाग प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा। मंत्री ने पदाधिकारियों एवं कर्मियों को जनहित में निष्ठापूर्वक कार्य करने का निर्देश दिया तथा विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में नवाचार अपनाने पर भी जोर दिया। कार्यक्रम में विभाग के सभी पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
