बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियांजोरों पर हैं। दरभंगा के गौड़ाबौराम क्षेत्र में अब वीआईपीऔर राजद आमने-सामने खड़े दिखाई दे रहे हैं। यहां एनडीए से भाजपा के सुजीत सिंह भी चुनाव लड़ रहे हैं। मामला तब और दिलचस्प हो गया जब सोमवार, 20 अक्तूबरको नाम वापसी की समय सीमा खत्म होने के बाद भी राजद उम्मीदवार ने अपना नाम वापस नहीं लिया। इसके बाद VIP और राजद उम्मीदवारों के बीच हाईवोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया।
तेजस्वी यादव सहित कई बड़े नेता शामिल होंगे
राजद उम्मीदवार अफजल अली खान ने कहा कि उन्हें लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव का समर्थन मिला है, इसलिए वह निर्दलीय कैसे हो सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके चुनाव प्रचार में तेजस्वी यादव सहित कई बड़े नेता शामिल होंगे। वहीं, VIP उम्मीदवार संतोष सहनी का भी कहना है कि उनके प्रचार में भी महागठबंधन के नेता आने वाले हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि चुनाव प्रचार में स्टार प्रचारक किस उम्मीदवार के समर्थन में आते हैं।
‘इसके बावजूद उनका नामांकन रद्द नहीं किया गया’
VIP सुप्रीमो मुकेश सहनी के भाई संतोष सहनी ने कहा कि राजद ने पहले अपने उम्मीदवार के नामांकन को रद्द करने का पत्र 17 अक्तूबरको निर्वाचन पदाधिकारी को भेजा था, लेकिन इसके बावजूद उनका नामांकन रद्द नहीं किया गया। संतोष सहनी ने आरोप लगाया कि निर्वाचन पदाधिकारी जातिवाद और पक्षपात कर रहे हैं और वे इस मामले को हाईकोर्ट में ले जाएंगे। उनका कहना है कि एक ही जगह महागठबंधन से दो-दो उम्मीदवार खड़े हो गए हैं।
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टिकट अपने भाई संतोष सहनी को सौंप दिया
बताया जाता है कि गोराबोराम से राजद ने पहले अपने उम्मीदवार अफजल अली खान को टिकट दिया था। टिकट मिलने के बाद उन्होंने तेजस्वी और लालू यादव के साथ अपनी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की थी। इसके बाद चर्चा थी कि VIP प्रमुख मुकेश सहनी खुद गोराबोराम से चुनाव लड़ेंगे। 17 अक्तूबरको सुबह मुकेश सहनी दरभंगा पहुंचे और बिरौल अपने घर लौटने के बाद उन्होंने टिकट अपने भाई संतोष सहनी को सौंप दिया।
संतोष सहनी ने तुरंत नामांकन दाखिल किया। इसके बाद VIP और राजद के बीच स्थिति तनावपूर्ण हो गई। देर शाम राजद के प्रदेश महासचिव और सहकार्यालय प्रभारी मुकुंद सिंह ने पत्र जारी कर अफजल अली खान के नामांकन को रद्द करने का निर्देश दिया। लेकिन नाम वापसी के बावजूद राजद उम्मीदवार का नामांकन रद्द नहीं हुआ।



