Home Bihar News Bihar: नल-जल योजना में मजदूरी घोटाला, ठेकेदार पर 19.95 लाख का लगा...

Bihar: नल-जल योजना में मजदूरी घोटाला, ठेकेदार पर 19.95 लाख का लगा जुर्माना; श्रम विभाग की सख्त कार्रवाई

0
Bihar: नल-जल योजना में मजदूरी घोटाला, ठेकेदार पर 19.95 लाख का लगा जुर्माना; श्रम विभाग की सख्त कार्रवाई

बिहार के शेखपुरा जिले में नल-जल योजना के तहत पंप ऑपरेटरों की बकाया मजदूरी रोकने वाले ठेकेदार के खिलाफ श्रम विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मजदूरी भुगतान में अनियमितता ठेकेदार को भारी पड़ गई। श्रम विभाग ने बकाया राशि के बदले दस गुना जुर्माना लगाते हुए भुगतान का आदेश दिया है। साथ ही, जिले के पीएचईडी विभाग से सभी ठेकेदारों और पंप ऑपरेटरों की सूची भी मांगी गई है।

दरअसल, बरबीघा प्रखंड के इस्माइलपुर गांव के नल-जल योजना के पंप ऑपरेटर सुदर्शन कुमार ने ठेकेदार द्वारा मजदूरी नहीं दिए जाने की शिकायत जनता दरबार में की थी। डीएम के निर्देश पर श्रम अधीक्षक राजेश कुमार सिन्हा ने मामले की जांच कराई। जांच में पाया गया कि ऑपरेटर अर्द्धकुशल श्रेणी का मजदूर है, लेकिन उसे न्यूनतम मजदूरी से भी कम मात्र दो हजार रुपये मासिक भुगतान किया जा रहा था।

श्रम अधीक्षक के अनुसार, अर्द्धकुशल मजदूर के लिए आठ घंटे के कार्य की न्यूनतम मजदूरी 444 रुपये प्रतिदिन निर्धारित है। इसी आधार पर कुल बकाया मजदूरी की गणना की गई, जो 1,90,476 रुपये निकली। जब संवेदक पप्पू कुमार से बकाया मजदूरी भुगतान को कहा गया, तो उसने इनकार कर दिया और ऑपरेटर को डराने-धमकाने लगा। इसके बाद श्रम विभाग ने संवेदक पर अधिकतम दस गुना जुर्माना लगाते हुए 19,95,236 रुपये भुगतान करने का आदेश दिया। साथ ही, मुंगेर स्थित सहायक श्रमायुक्त की अदालत में संवेदक के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया है।

पढ़ें:बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या के विरोध में नेपाल के विराटनगर में आक्रोश, VHP ने किया प्रदर्शन

जांच का दायरा बढ़ा, पीएचईडी से मांगी सूची

मामले को गंभीरता से लेते हुए श्रम अधीक्षक ने पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता से जिले में कार्यरत सभी पंप ऑपरेटरों और संवेदकों की सूची मांगी है। सूची मिलने के बाद पंप ऑपरेटरों से पूछताछ कर यह जांच की जाएगी कि उन्हें न्यूनतम मजदूरी मिल रही है या नहीं और भुगतान नियमित रूप से हो रहा है या नहीं। जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर अन्य संवेदकों पर भी कार्रवाई तय मानी जा रही है। श्रम विभाग का कहना है कि कई जगहों पर संवेदक नियमित रूप से पीएचईडी से भुगतान प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन पंप ऑपरेटरों को या तो मजदूरी नहीं दी जा रही है या बेहद कम राशि दी जा रही है।

अब तक चार संवेदक ब्लैकलिस्ट

पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता रंजीत कुमार ने बताया कि मजदूरी भुगतान में गड़बड़ी और अन्य अनियमितताओं के आरोप में अब तक नल-जल योजना के चार संवेदकों को ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है। आगे भी शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले में वर्तमान में नल-जल योजना के तहत 557 पंप ऑपरेटर कार्यरत हैं। पीएचईडी द्वारा संवेदकों को भुगतान करने के बाद ही संबंधित संवेदक को राशि दी जाती है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version