हत्या के एक पुराने मामले में बक्सर कोर्ट ने मंगलवार को नौ वर्ष बाद फैसला सुनाते हुए चार आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सजा पाने वालों में जिला पार्षद सदस्य के पति सह प्रतिनिधि रिंकू यादव, रामाशीष उर्फ चतुरी, अजय कुमार पांडे और जयराम पासवान शामिल हैं। अदालत ने सभी अभियुक्तों पर अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय मनीष कुमार शुक्ल की अदालत ने सुनाया।
मामला नगर थाना कांड संख्या 382/2016 और सेशन ट्रायल 354/2017 से संबंधित है। अपर लोक अभियोजक रामनाथ ठाकुर के अनुसार, घटना 22 अगस्त 2016 की है। मृतक हरेंद्र सिंह की पत्नी इंदू सिंह ने 23 अगस्त 2016 को नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया गया कि मृतक बस स्टैंड से अपने घर सोहनीपट्टी लौट रहे थे, तभी रात करीब 9:30 बजे पोखरा के पास आरोपियों ने उन्हें गोली मारकर हत्या कर दी थी।
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जांच में पता चला कि इस हत्या के पीछे जमीन से जुड़ा विवाद था। एक अन्य आरोपी विकास शर्मा, जो फिलहाल फरार है, ने मृतक से जमीन के नाम पर 12 लाख रुपये लिए थे और रकम वापस करने से बचने के लिए हत्या की साजिश रची गई थी। अभियोजन पक्ष ने अदालत में कुल 10 गवाहों की गवाही प्रस्तुत की। सभी साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने रिंकू यादव, रामाशीष उर्फ चतुरी, अजय कुमार पांडे और जयराम पासवान को दोषी ठहराया।
अदालत ने दोषियों को भारतीय दंड विधान की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास, धारा 326 के तहत 10 वर्ष का कठोर कारावास और 27 आर्म्स एक्ट के तहत 4 वर्ष की सजा सुनाई है। साथ ही पीड़िता को दो लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश भी दिया गया है। मामले के दो आरोपी विकास वर्मा और संतोष पासवान अब भी फरार हैं, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी तक अदालत में उपस्थित नहीं हुए हैं।



