बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली और पानी की मजबूत बुनियाद खड़ी होने के बाद अब सरकार का पूरा फोकस रोजगार सृजन पर है। इसी दिशा में बिहार में उद्योगों का विस्तार किया जा रहा है, ताकि लोगों को मजदूरी के लिए बाहर पलायन न करना पड़े और स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध हो सके।
अशोक पेपर मिल की जमीन पर नए उद्योगों की योजना
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि अशोक पेपर मिल की 280 एकड़ जमीन को सरकार अधिग्रहित कर वहां नए उद्योगों की स्थापना करेगी। इस पहल का उद्देश्य राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर विकसित और समृद्ध बिहार के लक्ष्य के लिए संसाधनों का पूरा उपयोग कर रही हैं।
दरभंगा में बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास
समृद्धि यात्रा के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ दरभंगा पहुंचे सम्राट चौधरी ने नागेन्द्र झा स्टेडियम में आयोजित जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से दरभंगा का तेजी से कायाकल्प हो रहा है। एम्स और एयरपोर्ट जैसी परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं और अब मेट्रो सेवा के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का एलान
उपमुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले एक साल में दरभंगा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी चालू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी और आधारभूत संरचना के कारण दरभंगा और आसपास के इलाकों में उद्योग लगाने की मांग लगातार बढ़ रही है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि 2005 से पहले पटना से दरभंगा आने में सात घंटे का समय लगता था और गंगा पार करना भी चुनौतीपूर्ण होता था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में सड़कों के विकास का परिणाम है कि अब यह दूरी महज दो घंटे में तय हो रही है।
कोसी प्रबंधन से बाढ़ में कमी और सिंचाई विस्तार
उन्होंने 2007-08 की भीषण बाढ़ का उल्लेख करते हुए बताया कि उस समय 1 लाख 92 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से कोसी क्षेत्र के कई जिले प्रभावित हुए थे। योजनाबद्ध जल प्रबंधन और बुनियादी ढांचे के विकास के चलते 2024 में साढ़े छह लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बावजूद केवल 156 गांव प्रभावित हुए। वर्तमान में कोसी नदी से चार लाख एकड़ भूमि की सिंचाई हो रही है।
बिजली व्यवस्था में सुधार और मुफ्त बिजली का लाभ
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 से पहले शहरों में भी पांच घंटे बिजली नहीं मिलती थी, जबकि अब गांवों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति हो रही है। 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने के निर्णय से 1 करोड़ 90 लाख उपभोक्ताओं में से 1 करोड़ 70 लाख उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य हो गया है। उन्होंने इसे बदले हुए बिहार का उदाहरण बताया।
