मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज मंत्रिपरिषद् की बैठक की। समस्तीपुर से समृद्धि यात्रा से लौटने के बाद वह शाम साढ़े चार बजे पटना के देशरत्न मार्ग स्थित संवाद कक्ष में कैबिनेट की बैठक की। इसमें दोनों डिप्टी सीएम समेत अन्य मंत्रियों और अधिकारी भी मौजूद रहे। आज की बैठक खास इसलिए है, क्योंकि सीएम दूसरे चरण की समृद्धि यात्रा का समापन करके लौटे और फिर कैबिनेट की बैठक की। मधुबनी में यात्रा के दौरान सीएम नीतीश कुमार ने राज्य में नई एजुकेशन सिटी बनाने की घोषणा की। इसके अलावा एक करोड़ नौकरी और रोजगार देने की बात भी दोहराई।
पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को मिलीसौगात
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए सौगातों का पिटारा खोल दिया गया है। सरकार ने शिक्षा को बढ़ावा देने और गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए छात्रावास अनुदान से लेकर मेधावृत्ति और प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति की दरों में ऐतिहासिक संशोधन किया है।
छात्रावास अनुदान अब 1000 नहीं, 2000 रुपए मिलेंगे
पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के प्रस्ताव पर मुहर लगाते हुए कैबिनेट ने मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग छात्रावास अनुदान योजना में बड़ा बदलाव किया है। नए नियम के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 से अब छात्रों को हर महीने 2000 रुपए का अनुदान मिलेगा। पहले यह राशि मात्र 1000 रुपये थी। बजट इस बढ़ोतरी के कारण सरकार पर सालाना 19.56 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ आएगा।
मेधावृत्ति के लिए आय सीमा अब तीन लाख, ज्यादा छात्रों को मिलेगा लाभ
मेधावी छात्रों के लिए मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना के दायरे को भी काफी बढ़ा दिया गया है। अब जिन परिवारों की सालाना आय तीन लाख रुपए तक है, उनके बच्चे भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। इससे पहले यह सीमा मात्र 1.50 लाख रुपये थी।यह बदलाव वित्तीय वर्ष 2026-27 से प्रभावी होगा। इस योजना के पुनरीक्षण के बाद सरकार कुल 117.98 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करेगी।
प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति में श्रेणीवार इजाफा
कक्षा 1 से 10 तक पढ़ने वाले पिछड़ा वर्ग के बच्चों के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति की दरों को भी संशोधित किया गया है। अब छात्रों को कक्षा के आधार पर सालाना राशि मिलेगी। वर्ग 1 से 4 तक बच्चों को सालाना 1200 रुपए मिलेंगे। वर्ग 5 और 6 के बच्चों को 2400 रुपए मिलेंगे। वर्ग 7 से 10 तक के बच्चों को 3600 रुपए मिलेंगे और छात्रावास में रहने वाले वर्ग 1 से 10 तक के बच्चों को 6 हजार रुपए सालाना मिलेंगे। इस योजना के लिए सरकार ने सबसे बड़ा बजट आवंटित किया है। छात्रवृत्ति दरों में इस संशोधन के बाद कुल अनुमानित वार्षिक व्यय 1,751.56 करोड़ रुपये स्वीकृत किया गया है।
जानिए, नई सरकार बनने के बाद अब तक की बैठकों में क्या-क्या हुआ?
पहली कैबिनेट बैठक- 25 नवंबर 2025
- नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बुलाई गई थी।
- नौकरी-रोजगार पर फोकस।
- बंद पड़ी सरकारी चीनी मिलों को फिर से चालू करने की मंजूरी।
दूसरी कैबिनेट बैठक- 9 दिसंबर 2025
- एक करोड़ नौकरी/रोजगार का लक्ष्य पूरा करने के लिए तीन नए विभागों का गठन को मंजूरी दी गई।
- सरकार ने कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए उनके महंगाई भत्ते में सीधे 5% की वृद्धि को मंजूरी दी।
- रोजगार, औद्योगिक विकास और आधारभूत संरचना एजेंडों पर प्रस्तावों पर मुहर लगाई।
तीसरी कैबिनेट बैठक- 15 दिसंबर 2025
- सीएम नीतीश कुमार ने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट सात निश्चय योजना 3.0 को मंजूरी दी।
- सात निश्चय-3 का पहला निश्चय ‘दोगुना रोजगार- दोगुनी आय’ रखा गया।
- इसके अलावा उद्योग, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी फोकर रखा गया
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चौथी कैबिनेट बैठक- 13 जनवरी 2025
- कृषि, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग में करीब एक हजार से अधिक पदों के सृजन को मंजूरी दी।
- मुंबई में बिहार भवन के निर्माण को स्वीकृति दी। 314 करोड़ की लगात से भवन बनाने का एलान।
- बिहार विधानसभा के बजट सत्र को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय पर सीएम नीतीश कुमार ने मुहर लगाई थी।
