बिहार विधानसभा चुनाव के बीच केंद्रीय मंत्री और भाजपा के फायरब्रांड नेता गिरिराज सिंह ने विपक्षी दलों पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता धर्म देखकर संवेदना व्यक्त करते हैं और जब किसी मामले में मुस्लिम आरोपी होता है तो चुप्पी साध लेते हैं।
बेगूसराय में मीडिया से बातचीत के दौरान गिरिराज सिंह ने कहा कि अगर किसी हत्या में हिंदू आरोपी होता है, तो राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और अखिलेश यादव जैसे नेता तुरंत घटनास्थल पहुंचकर उसे हिंदू-मुस्लिम मुद्दा बना देते हैं। लेकिन जब किसी मुसलमान द्वारा दलित की हत्या की जाती है, तब ये नेता मौन हो जाते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा के गांव, मधुबनी जिले के झंझारपुर अररिया में चौपाल समुदाय के युवक आदित्य चौपाल की हत्या फैयाज नामक व्यक्ति और उसके साथियों ने की है। घटना को पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक न तेजस्वी यादव ने कोई बयान दिया है और न राहुल गांधी ने।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी फतेहपुर तक तो जा सकते हैं, लेकिन अररिया नहीं पहुंच सकते, क्योंकि यहां हत्यारा मुसलमान है। यह कैसी सेकुलर सोच है जो धर्म देखकर संवेदना व्यक्त करती है। जो लोग मुझे हिंदू-मुस्लिम कहने वाला बताते हैं, असल में विभाजन की सोच उन्हीं की है।
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गिरिराज सिंह ने कहा कि जब दलित युवक आदित्य चौपाल की हत्या हुई, तब यह एक गरीब की जान जाने का मामला था, जिसकी किसी को परवाह नहीं। उन्होंने कहा कि जो लोग उन्हें हिंदू-मुस्लिम का मुद्दा उठाने वाला कहते हैं, असल में विभाजन की राजनीति की सोच उन्हीं में है।
महागठबंधन पर साधा निशाना
महागठबंधन पर तीखा प्रहार करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि 243 सीटों पर 254 उम्मीदवारों का उतारना इस बात का प्रमाण है कि यह गठबंधन नहीं, ठगबंधन है। उन्होंने कहा कि इस गठबंधन के हर दल के नेता अपने अस्तित्व को बचाने की जद्दोजहद में लगे हैं, जबकि एनडीए के पास स्पष्ट नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का है।
गिरिराज सिंह ने विपक्ष पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ये लोग कभी कहते हैं गरीबों को दिए गए 10 हजार रुपये वापस लेंगे, तो कभी 125 यूनिट मुफ्त बिजली की योजना खत्म करने की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं गरीबों के कल्याण के लिए हैं और इन्हें कोई बंद नहीं कर सकता।
