बिहार के मुख्यमंत्री पद को लेकर एनडीए खेमे में अब भी संशय बना हुआ है। गया में भाजपा के सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने शनिवार को कहा कि बिहार में एनडीए के सभी पांच दलों को जीत मिली है और आगे की रणनीति सामूहिक रूप से तय की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सभी दल पांडव की तरह एकजुट हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जीतन राम मांझी, उपेंद्र कुशवाहा और चिराग पासवान के नेतृत्व में बिहार में प्रचंड बहुमत आया है। विधायक दल की बैठक में ही नेता का चयन होगा और जो नाम प्रस्तावित होगा, हम सब उसे स्वीकार करेंगे।
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भाजपा के भीतर से मुख्यमंत्री बनने की संभावनाओं पर पूछे गए सवाल पर डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि निर्णय गठबंधन करेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी है, लेकिन एनडीए के पाँचों दल हमारा परिवार हैं। सभी मिलकर तय करेंगे कि बिहार का भविष्य कैसा होगा। हमारा लक्ष्य विकसित और आत्मनिर्भर बिहार है। कार्यकर्ताओं द्वारा उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में नारे लगाने पर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने की आज़ादी है, लेकिन सीएम का फैसला एनडीए गठबंधन की बैठक में ही होगा।
लगातार 9वीं बार जीत दर्ज करने और मंत्रिमंडल में अपनी भूमिका पर पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि हमारी आदत सिर्फ काम करने की रही है। हमने कभी टिकट या पद नहीं मांगा। 1990 में जब पहली बार टिकट मिला था, तब भी किसी नेता से मिलने नहीं गया था। पार्टी ने जो जिम्मेदारी दी, उसे पूरी निष्ठा से निभाया है। जो भी दल तय करेगा, वही हमें स्वीकार होगा।



