सीवान जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सरावे गांव में शुक्रवार की देर रात चुनावी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट और पथराव की घटना हुई। इस टकराव में एक पक्ष के लगभग छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया, जहां हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने शनिवार को उन्हें पटना रेफर कर दिया।
घटना की सूचना पर शनिवार को सारण रेंज के डीआईजी नीलेश कुमार सीवान पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और सदर अस्पताल में घायलों से बात की। इसके बाद उन्होंने सिवान एसपी मनोज कुमार तिवारी को त्वरित और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए गांव में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।घायलों की पहचान गांव के ही लालबाबू सिंह, अभिषेक कुमार, हरिशंकर सिंह, गौतम सिंह और आशुतोष कुमार के रूप में हुई है।
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घायल लालबाबू सिंह के अनुसार, शुक्रवार की रात वह अपने दरवाजे पर पत्नी और बच्चों के साथ खड़े थे तभी गांव के ही करीब 50–60 लोग, जिनमें कृष्णा कुमार यादव, रोहित कुमार यादव, विकाश कुमार यादव, प्रमोद कुमार यादव, संदीप कुमार यादव, विशाल कुमार यादव, संजीत कुमार यादव, गोलू कुमार यादव और सुंदर कुमार शामिल थे, अचानक वहां पहुंच गए। पहले उन्होंने गाली-गलौज की और विरोध करने पर सभी आरोपियों ने लाठी-डंडे और तेज हथियार से हमला कर दिया।
शोर सुनकर जब ग्रामीण लोग बचाव के लिए पहुंचे तो उनके साथ भी मारपीट की गई। आरोपियों ने घरों और दुकानों पर ईंट-पत्थर बरसाए। लालबाबू सिंह के मुताबिक, उनके बथान का दरवाजा तोड़कर मवेशियों को पीटा गया और 12 हजार रुपये नकद तथा पशु चारा भी लूट लिया गया। रास्ते में आने वाले कई घरों पर भी पथराव किया गया। गौतम सिंह की पत्नी और बच्ची के साथ दुर्व्यवहार की बात भी सामने आई है।
लालबाबू का आरोप है कि घटना का कारण शुक्रवार को विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार की जीत के बाद उत्पन्न तनाव है। विरोधी पक्ष लगातार उनके परिवार और मोहल्ले के लोगों को धमका रहा था। इस मामले में मुफस्सिल थानाध्यक्ष अशोक कुमार दास ने बताया कि दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और अन्य की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
