नालंदा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एकंगरसराय में कथित चिकित्सकीय लापरवाही के कारण 18 दिनों बाद एक प्रसूता की मौत हो गई। मृतका की पहचान औंगारी थाना क्षेत्र के रहमत बिगहा निवासी शशिकांत चौधरी की 26 वर्षीय पत्नी बेबी देवी के रूप में हुई है। मृतका के पिता बिना चौधरी ने बताया कि उनकी बेटी का 17 नवंबर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एकंगरसराय में बच्चेदानी (बंध्याकरण) का ऑपरेशन कराया गया था। ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने महिला को घर भेज दिया। घर पहुंचते ही बेबी देवी को तेज पेट दर्द शुरू हो गया। इसके बाद उसे निजी क्लिनिक में भर्ती कराया गया, जहाँ से बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया।
परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने लापरवाही बरतते हुए बंध्याकरण के दौरान “गलत नस काट दी”, जिसके कारण महिला की स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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परिवार ने थाना में दिया आवेदन, जांच शुरू
एकंगरसराय थाना अध्यक्ष अखिलेश कुमार झा ने बताया कि बेबी देवी के परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आवेदन दिया है। आवेदन के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। आरोप है कि बंध्याकरण के दौरान गलत नस काटी गई थी। मामले की गहराई से जांच के लिए जिला स्तर पर एक मेडिकल टीम का गठन किया गया है।
11 नवंबर को चौथे बच्चे को जन्म, 17 नवंबर को हुआ बंध्याकरण
जानकारी के अनुसार, बेबी देवी ने 11 नवंबर को अपने चौथे बच्चे को जन्म दिया था। इसके बाद 17 नवंबर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं ईएनटी डॉक्टर स्नेह लता वर्मा द्वारा बंध्याकरण ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के बाद महिला की हालत बिगड़ती चली गई और अंततः पटना में इलाज के दौरान शुक्रवार की शाम उसकी मौत हो गई।



