मुजफ्फरपुर जिले के कटरा प्रखंड के खंगूरा डीह पंचायत, वार्ड संख्या 10 में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां पति-पत्नी की मौत ने पूरे गांव को गम में डूबो दिया है। महज कुछ ही घंटे के अंतराल पर दोनों की सांसें थम गईं और गांव में चर्चा है कि उन्होंने सच अर्थों में “साथ जीने और साथ मरने” का वादा पूरा कर दिया।
गांव के 81 वर्षीय सम्मानित बुजुर्ग महेंद्र शर्मा की शनिवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई। कुछ ही मिनटों में उनकी हालत इतनी गंभीर हो गई कि परिवार कुछ समझ पाता उससे पहले ही उन्होंने अंतिम सांस ले ली। उनके निधन की खबर फैलते ही परिवार में कोहराम मच गया और गांव के लोग भी दौड़े चले आए।
पढे़ं:‘एनडीए तय करेगा बिहार का नया सीएम’, प्रेम कुमार बोले; पांचों दल मिलकर लेंगे फैसला
सबसे ज्यादा सदमे में उनकी पत्नी सुकुमारी देवी थीं। वे पति के शव के पास लगातार बेहोश हो रही थीं। परिजन उन्हें संभालने और पानी पिलाने की कोशिश करते रहे, लेकिन उनके भीतर उठ रहे दुख के तूफान को कोई समझ नहीं पा रहा था। करीब दो घंटे बाद उन्होंने गहरी सांस ली और देखते ही देखते उनकी भी मौत हो गई। यह दृश्य देखकर गांव वाले स्तब्ध रह गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों एक-दूसरे के लिए जीवन थे। कई बुजुर्गों ने इसे कुदरत का करिश्माबताया। पूरे गांव की मौजूदगी में पति-पत्नी की अंतिम यात्रा निकाली गई। गाजे-बाजे के साथ दोनों की चिताएं एक साथ उठीं ठीक वैसे ही, जैसे शादी के समय उनके घर में शहनाइयाँ बजी थीं। महिलाओं की सिसकियाँ थम नहीं रही थीं और गांव भर में इस घटना की चर्चा हो रही है। लोग इसे प्रेम की अनोखी मिसाल बता रहे हैं।
