मुजफ्फरपुर जिले के सकरा थाना क्षेत्र के नवलपुर मिश्ररलिया गांव में हाल ही में घटी घटना को लेकर बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार राम ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। गांव पहुंचकर उन्होंने कहा कि एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत बिहार को कलंकित करने वाली घटना है और यह सीधे तौर पर राज्य सरकार की विफलता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इस घटना की जितनी भी निंदा की जाए, वह कम है।
आर्थिक तंगी और कर्ज को बताया मौत की वजह
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बिहार में यदि कोई परिवार आर्थिक तंगी, भूख और कर्ज के बोझ के कारण मौत के मुंह में चला जाता है, तो यह बेहद पीड़ादायक और अपमानजनक स्थिति है। उन्होंने बताया कि इस घटना में एक परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई, जबकि दो बच्चों की जान बच पाई। उनके अनुसार यह घटना सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती बनकर खड़ी हो गई है।
भुखमरी और गरीबी को बताया आज भी बड़ी समस्या
राजेश कुमार राम ने कहा कि आज भी बिहार के कई गरीब परिवारों को दो वक्त के भोजन के लिए संघर्ष करना पड़ता है। लोग मजबूरी में कर्ज लेते हैं, लेकिन आर्थिक हालात इतने खराब हैं कि वे उसे चुकाने में असमर्थ हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह घटना साबित करती है कि बिहार आज भी पिछड़ेपन से बाहर नहीं निकल पाया है और आजादी के बाद भी हालात में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
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सरकार की योजनाओं पर उठाए सवाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार की योजनाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि सात निश्चय योजना पूरी तरह से विफल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई-लिखाई के लिए लिए गए कर्ज को छात्र-छात्राएं चुका नहीं पा रहे हैं और मजबूरी में पढ़ाई छोड़ने की स्थिति पैदा हो रही है। उनके अनुसार सरकार की अधिकांश योजनाएं जमीनी स्तर पर असर दिखाने में नाकाम रही हैं।
सर्वे कराने और जरूरतमंदों की पहचान की मांग
राजेश कुमार राम ने मांग की कि सरकार एक व्यापक सर्वे कराए, ताकि यह पता चल सके कि राज्य में कितने परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों को चिन्हित कर समय रहते मदद पहुंचाई जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगी और सरकार की विफलताओं को उजागर करेगी। उन्होंने कहा कि आने वाला समय सरकार के लिए चुनौतियों से भरा है और इस तरह की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि शासन व्यवस्था को आत्ममंथन करने की जरूरत है।
