पश्चिमी चंपारण जिले के गौनाहा रेलवे फाटक पर शनिवार की सुबह ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने प्रशासनिक लापरवाही की तस्वीर साफ कर दी। एक ओर एम्बुलेंस, दूसरी ओर गन्ना लदा भारी ट्रक दोनों फाटक के बीच फंस गए। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और पूरा इलाका जाम में तब्दील हो गया। इसी अव्यवस्था के कारण सवारी गाड़ी करीब 20 मिनट तक फाटक पर खड़ी रही।
हालात इतने बिगड़ गए कि लोगों को समझ ही नहीं आ रहा था कि रास्ता कैसे खुले। हालांकि एम्बुलेंस में उस समय कोई मरीज नहीं था, लेकिन लोगों का कहना था कि यदि इसमें मरीज होता तो एक जान भी जा सकती थी। यही सोचकर स्थानीय लोग सहमे और गुस्से में नजर आए। स्थानीय निवासी नागेंद्र मौर्य, विकास कुमार, निर्मल शर्मा सहित कई लोगों ने बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है।
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गौनाहा रेलवे फाटक पर गेटमैन नही होने के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न होती रहती है। ट्रेन गुजरने के समय हालात इतने खराब हो जाते हैं कि ट्रेन के ड्राइवर को खुद नीचे उतरकर सड़क के दोनों ओर खड़े वाहनों को रोकना पड़ता है। जब तक रास्ता साफ होता है, तब तक ट्रेन 10 से 15 मिनट तक वहीं खड़ी रहती है। लोगों का कहना है कि यह रोजमर्रा की समस्या बन चुकी है। स्कूल जाने वाले बच्चे, मरीजों को अस्पताल ले जाने वाली गाड़ियां और काम पर जाने वाले लोग सभी को इस अव्यवस्था का खामियाजा भुगतना पड़ता है।
स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि अगर समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई, तो किसी दिन बड़ा हादसा होना तय है। नागरिकों ने रेलवे प्रशासन से भावुक अपील करते हुए कहा कि गौनाहा सहित सभी रेलवे फाटकों पर स्थायी गेटमैन की बहाली की जाए। ताकि न केवल जाम की समस्या खत्म हो, बल्कि लोगों की जान भी सुरक्षित रह सके। गौनाहा रेलवे फाटक आज एक बार फिर सवाल बनकर खड़ा हैकिसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही क्या प्रशासन जागेगा?
