सीवानजिले के जी.बी. नगर थाना क्षेत्र के अलीनगर चैनपुर गांव में सोमवार देर रात गोली लगने से नर्सिंग छात्र की मौत हो गई। मृतक की पहचान अमरनाथ मांझी के 25 वर्षीय पुत्र सनोज मांझी के रूप में हुई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि थाना प्रभारी मामले को दबाने का प्रयास कर रहे हैं और उन्हें पटाखे से मौत होने का झूठा बयान देने का दबाव बनाया गया।
परिजनों के मुताबिक, सोमवार रात परिवार के सभी सदस्य घर की छत पर बैठे थे। इसी दौरान अचानक गोली चली, जो सनोज के जांघ में लगी। गोली लगते ही वह लहूलुहान होकर गिर पड़े। परिवार ने तुरंत पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी, लेकिन न तो पुलिस पहुंची और न ही एम्बुलेंस। इसके बाद परिजनों ने किसी तरह गंभीर रूप से घायल सनोज को बाइक से लगभग 30 किलोमीटर दूर सिवान सदर अस्पताल पहुंचाया। वहाँ डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर बताकर रेफर कर दिया, लेकिन इलाज के लिए ले जाने के दौरान रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद पुलिस रातभर घटनास्थल पर नहीं पहुंची और न ही अस्पताल में कोई अधिकारी बयान लेने आया। मंगलवार सुबह जब उन्होंने थाना प्रभारी जीत मोहन कुमार को फोन कर घटना की जानकारी दी, तो कथित तौर पर उन्होंने दबाव बनाया कि परिजन गोली लगने की बात न कहें और इसे पटाखे से हुई दुर्घटना बताएं। परिजनों का दावा है कि थाना प्रभारी ने धमकी दी कि अगर उन्होंने गोली लगने की बात कही, तो उन्हें ही फंसा दिया जाएगा।
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इस बीच, थाना प्रभारी जीत मोहन कुमार ने इन आरोपों से इंकार किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें डायल 112 के माध्यम से सूचना मिली थी कि पटाखा फटने से एक युवक घायल हुआ है। अब परिजन बयान बदलकर गोली लगने की बात कह रहे हैं।जब उनसे यह पूछा गया कि पुलिस मौके पर क्यों नहीं पहुंची और रात में कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई, तो उन्होंने इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की लापरवाही और दबावपूर्ण रवैये ने एक निर्दोष युवक की जान ले ली। परिजनों ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
