बिहारशरीफ शहर के एनएच-20 स्थित बैंक कॉलोनी में बन रहे जिले के पहले भव्य खाटू श्याम मंदिर के निर्माण कार्य में बाधा डालने और मजदूरों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। शुक्रवार को कुछ लोगों ने निर्माणाधीन स्थल पर पहुंचकर चहारदीवारी का काम रुकवा दिया, मजदूरों को भगा दिया और निर्माण सामग्री को नुकसान पहुंचाया। इस घटना के विरोध और आगे की रणनीति तय करने के लिए शनिवार को मंदिर स्थल पर श्याम भक्तों ने एक ‘शांति बैठक’ का आयोजन किया। ज्ञात हो कि इस मंदिर की नींव 1 दिसंबर (सोमवार) को रखी गई थी और यहाँ 180 फीट ऊंचा भव्य मंदिर बनाने की योजना है।
कागज दिखाएं, हम पीछे हट जाएंगे
बैठक के दौरान श्याम भक्त नीतीश कुमार ने स्पष्ट संदेश दिया कि वे किसी भी विवाद के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हमारा संदेश साफ है। यदि कोई दावा करता है कि जमीन उनकी है, तो वे प्रशासन या सीओ के पास रसीद, एलपीसी या अन्य दस्तावेज दिखा दें। अगर जमीन उनकी निकली, तो हम मंदिर नहीं बनाएंगे। लेकिन बिना कागज के गुंडागर्दी करना गलत है।
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उन्होंने कहा कि यह मंदिर किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि 500 परिवारों के सहयोग (तन, मन और धन) से बन रहा है। यह कोई कब्जा करने का रास्ता नहीं, बल्कि जनकल्याण का रास्ता है। उन्होंने विरोध करने वालों से अपील की कि वे बाबा के शरण में आएं, उन्हें सद्बुद्धि मिले और वे भी इस पुण्य कार्य में एक ईंट रखकर सहयोग करें।
निर्माण सामग्री को पहुंचाया नुकसान
स्थानीय भक्त पुरुषोत्तम कुमार ने बताया कि शुक्रवार को कुछ लोगों ने आकर मंदिर निर्माण कार्य को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कहा कि असामाजिक तत्वों ने छड़ को अव्यवस्थित कर दिया और लगी हुई ईंटों को फोड़ दिया। मोहल्लेवासी चाहते हैं कि यहाँ बाबा का मंदिर बने। आज की बैठक का उद्देश्य यही था कि शांतिपूर्ण तरीके से आगे का काम कैसे किया जाए। भक्तों ने प्रशासन से भी मांग की है कि अगर किसी के पास जमीन के कागजात हैं तो उसकी जांच हो, अन्यथा धार्मिक कार्य में बाधा डालने वालों पर कार्रवाई की जाए।
