मधुबनी जिले में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। झंझारपुर थाना क्षेत्र के सिमरा ब्रह्मस्थान के पास स्थित राधा-कृष्ण मंदिर के बरामदे में एक करीब छह माह का बच्चा कंबल में लिपटा हुआ मिला, जिसे उसकी मां वहां छोड़कर घर लौट गई।
सुबह फूल तोड़ने गई महिला ने देखा शिशु
जानकारी के अनुसार, सुबह सिमरा गांव निवासी लक्ष्मण कामत की पत्नी लक्ष्मीनिया देवी फूल तोड़ने मंदिर गई थीं। इसी दौरान उन्होंने मंदिर के चबूतरे पर कंबल में लिपटे एक शिशु को देखा। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने बच्चे को गोद में उठाया और अपने घर ले गईं।
पुलिस को दी गई तत्काल सूचना
लक्ष्मीनिया देवी ने बिना देर किए झंझारपुर थाना पुलिस को मामले की सूचना दी। बताया गया कि वह बच्चे को अपने पास रखना चाहती थीं, लेकिन नियम और प्रावधानों के अनुसार इसकी जानकारी प्रशासन को देना आवश्यक था।
बाल कल्याण समिति ने संभाला मामला
सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मधुबनी बाल कल्याण समिति को अवगत कराया। इसके बाद बाल कल्याण समिति के सुपरवाइजर और महिला सुपरवाइजर झंझारपुर पहुंचे, आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी की और बच्चे को अपने साथ मधुबनी ले गए।
इलाके में चर्चा और आक्रोश का माहौल
घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं। लोग उस मां को कोसते दिखे, जिसने ठंड के मौसम में अपने छह माह के सुंदर से बच्चे को कंबल में लपेटकर मंदिर के बरामदे में छोड़ दिया। इसे मां की ममता पर कठोर प्रहार और कलयुग का प्रकोप बताया जा रहा है।
