पूर्णिया सिविल कोर्ट परिसर में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में वाहन चालकों का भारी विरोध देखने को मिला। वाहन चालकों ने लोक अदालत में भी जुर्माना (फाइन) राशि माफ या कम न किए जाने से नाराज होकर सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया। लोक अदालत से निराश होकर सभी चालक सीधे परिवहन विभाग के कार्यालय गेट पर पहुंचे और विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। परिवहन विभाग के अधिकारियों को हस्तक्षेप कर चालकों को समझाना पड़ा, तब जाकर मामला शांत हुआ।
चालकों ने सामूहिक रूप से अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि परिवहन विभाग ने उन पर इतना अधिक जुर्माना थोप दिया है कि इसे चुकाने में उन्हें गंभीर आर्थिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। कई चालकों पर लगाए गए जुर्माने की राशि लाखों में है, जो उनकी आय से कहीं अधिक है।
चालकों ने कई उदाहरण भी दिए। इनमें डगरूआ निखरेल निवासी बमबम साह का ट्रैक्टर पर 1.04 लाख का जुर्माना, रानीपतरा निवासी अखिलेश कुमार मेहता का ट्रैक्टर जुर्माना 55 हजार, चंपानगर निवासी मनोज प्रसाद साह का ट्रैक्टर 80 हजार, श्रीनगर निवासी आशीष कुमार यादव का बाइक जुर्माना 7 हजार, ओमप्रकाश का ट्रैक्टर जुर्माना 85 हजार, कलानंद यादव (टोको चालक) का 78,500, सुपौल निवासी सुमन कुमार चौधरी का ट्रैक्टर 78,500 और पूरणदाहा निवासी विपिन कुमार भगत तथा डगरूआ गढ़वांस निवासी मोहम्मद सेएब का ट्रैक्टर 24,500 शामिल हैं।
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चालकों का कहना है कि इतनी बड़ी राशि का जुर्माना भरने से उनका जीवनयापन मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने शनिवार को सिविल कोर्ट, पूर्णिया स्थित राष्ट्रीय लोक अदालत की बेंच नंबर 01 पर पहुँचकर संबंधित अधिकारियों और बेंच पर उपस्थित लोगों के सामने अपने कागजात पेश किए और जुर्माने की राशि को कम करने की गुहार लगाई। वाहन चालकों ने बताया कि उनके घर पर लोक अदालत का नोटिस आया था और उम्मीद थी कि समस्या का समाधान होगा, लेकिन बेंच पर स्पष्ट कर दिया गया कि फाइन माफ नहीं होगा।
चालकों ने इस व्यवस्था पर गहरा असंतोष जताया और कहा कि लोक अदालत का आयोजन लोगों की समस्याओं को सुनकर हल करने के लिए किया जाता है, लेकिन यहाँ उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं निकला। लोक अदालत में निराशा मिलने के बाद, सैकड़ों वाहन चालकों ने एकजुट होकर परिवहन विभाग कार्यालय का रुख किया और विभाग के गेट पर आकर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने जुर्माने की राशि तत्काल कम करने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि प्रशासन और परिवहन विभाग उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं लेते और जुर्माना कम नहीं किया गया, तो वे बड़े स्तर पर और प्रदर्शन करेंगे।
