सीवानजिले के सिसवन थाना क्षेत्र अंतर्गत मनार गांव में नीलगाय मारने के दौरान चली गोली से घायल चार वर्षीय मासूम की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतक की पहचान मनार गांव निवासी अनिल यादव के चार वर्षीय पुत्र स्वीकृत यादव के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार की शाम स्वीकृत अपने दादा के साथ खेत में मौजूद था। इसी दौरान गांव के कुछ युवक नीलगाय मारने के उद्देश्य से खेत की ओर पहुंचे और गोलीबारी करने लगे।
बताया जा रहा है कि गोली चलाने से पहले बच्चे के दादा और मां ने वहां मौजूद युवकों से गोलीबारी न करने की सख्त मनाही की थी, बावजूद इसके उन्होंने उनकी बात नहीं मानी। इसी दौरान चली एक गोली मासूम स्वीकृत को लग गई।
गोली लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिजन आनन-फानन में घायल बच्चे को स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सदर अस्पताल रेफर कर दिया। सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद भी बच्चे की हालत में सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद परिजन उसे उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित एक निजी नर्सिंग होम ले गए, जहां बुधवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने इस लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना कृत्य की कड़ी निंदा की है।
घटना को लेकर सिसवन थाना प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि बच्चे की मौत के बाद उसकी मां के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस मामले में कुल सात लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें तीन नाबालिग शामिल हैं। शेष अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। घटना में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिया गया है।
पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। यह घटना एक बार फिर अवैध हथियारों और लापरवाही से की जा रही गोलीबारी पर गंभीर सवाल खड़े करती है। प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
