नीतीश सरकार नेपटना के राजीव नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ईआरएसएस) एवं राज्य पुलिस डाटा सेंटर के स्थायी भवन (B+2, G+7 संरचना) के निर्माण को स्वीकृति दे दी है।भवन के निर्माण पर 172 करोड़ 80 लाख रुपये की अनुमानित लागत आएगी। इस राशि से फर्नीचर एवं आधारभूत संरचना सहित पुलिस भवन का निर्माण कराया जाएगा। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यह जानकारी देते हुए कहा कि सम्राट चौधरी ने कहा कि मजबूत और आधुनिक पुलिस भवन न केवल प्रशासनिक कार्यों को सुचारु बनाएंगे, बल्कि पुलिसकर्मियों को बेहतर कार्य वातावरण भी उपलब्ध कराएंगे। इससे कानून व्यवस्था के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।
जानिए क्या डायल 112 व्यवस्था?
आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली यानी ईआरएसएस एक देशव्यापी एकल आपातकालीन नंबर 112 पर आधारित व्यवस्था है, जो किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों को त्वरित सहायता प्रदान करने के लिए बनाई गई है। इसके तहत एक विशेष आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र स्थापित किया गया है, जहां आपातकालीन कॉल और संदेशों को संभाला जाता है। नागरिक पुलिस, अग्निशमन, स्वास्थ्य सेवा या किसी अन्य आपात सहायता की आवश्यकता हो, तो वह 112 नंबर पर संपर्क कर तुरंत सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
लखीसराय, रोहतास और मोतिहारी में क्या बनेगा?
उपमुख्यमंत्री चौधरी ने बताया कि पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी) में पुलिस अधीक्षक कार्यालय का नया भवन (G+3 Structure), फर्नीचर और आधारभूत संरचना सहित बनाया जाएगा। वहीं, रोहतास जिले के डिहरी में पुलिस केंद्र का रक्षित कार्यालय और शस्त्रागार भवन, फर्नीचर और आधारभूत संरचना सहित तैयार किया जाएगा। लखीसराय में महिला पुलिस कर्मियों के लिए 200 बेड का महिला पुलिस बैरक (G+2 Structure), फर्नीचर और अन्य आधारभूत संरचना का निर्माण किया जाएगा। इन तीनों जिलों की योजनाओं पर कुल 30 करोड़ 26 लाख 57 हज़ार रुपये खर्च किए जाएंगे। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी), रोहतास और लखीसराय जिलों में पुलिस भवनों की नई आधारभूत संरचनाओं के निर्माण को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं के तहत आधुनिक और सुविधाजनक पुलिस भवन बनाए जाएंगे, जिससे पुलिस कर्मियों के कार्य वातावरण में सुधार होगा और महिला पुलिस बल को बेहतर आवासन सुविधा भी उपलब्ध होगी।
