बिहार में अचानक ठंड काफी बढ़ गई है। हाड़ कंपाने वाली पूस की रात ही नहीं, दिन भी है। सर्द पछुआ हवा से शरीर टूट रहा है। पटना समेत कई जिलों में हल्की धूप तो निकली है लेकिन इसमें इतनी तपिश नहीं कि गर्मी दे सके। पिछले 24 घंटे से बिहार के कुछ जिलों में 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही सर्द पछुआ हवा ने ठिठुरन बढ़ा दी है। मौसम विज्ञान केंद्र ने स्पष्ट कहा है कि दो दिन बाद ठंड और तेजी से बढ़गी। 22 दिसंबर के बाद बिहार में कोल्ड वेव जैसी स्थिति बन सकती है। यानी दिन का तापमान भी सामान्य से नीचे चला जाएगा। पिछले 24 घंटे में 9.1 डिग्री न्यूनतम तापमान के साथ भागलपुर सबसे ठंडा जिला रहा।
स्कूल बंद करने की मांग कर रहे अभिभावक
इधर, बढ़ते ठंड को देखते हुए स्कूल बंद होने के आदेश अब तक नहीं दिए गए हैं। पटना, मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में डीएम ने स्कूल संचालन के समय में बदलाव जरूर किया है लेकिन बंद करने का आदेश नहीं दिया है। अभिभावक स्कूल बंद करने का आदेश देने की मांग कर रहे हैं। गर्दनीबाग निवासी शिशिर सिन्हा ने कहा कि साढ़े आठ बजे स्कूल संचालन का आदेश जरूर दिया गया है लेकिन स्कूल बस वाले बच्चे को साढ़े छह बजे ही लेने चले आते हैं। सुबह में काफी कोहरा रहता है। ठंड भी अधिक रहती है। ऐसे में अगर पटना डीएम स्कूल बंद करने का आदेश देते तो बच्चों के सेहत के लिए कापी अच्छा रहता है। वहीं कृषि नगर निवासी संजीत कुमार ने कहा कि पटना में सर्दी, खांसी और बुखार की समस्या के कई लोग प्रभावित हैं। स्वास्थ्य विभाग ने भी बच्चों को लेकर सतर्कता बरतने की बात कही है। सुबह ठंड काफी अधिक रहती है ऐसे में बच्चों का स्कूल जाना उनके लिए खतरनाक है। पटना डीएम इस मामले को गंभीरता से लें।
